Baikunthpur @ Tahkikat News
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए कलेक्टर श्री धावड़े के संवेदनशील प्रयासों का परिणाम है कि जिले में 70 से बढ़कर 120 उप स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने लगी है। कलेक्टर द्वारा लगातार स्वास्थ्य अमले के साथ बैठक कर स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं और सामग्री की जानकारी ली गयी, जिसके आधार पर आंकलन कर मानव संसाधन और ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई।
आनंदपुर, अमरपुर, गोल्हाघाट, झरनापारा, टेंगनी, बरदर, मुर्किल, सांवला, मोरगा, सिरौली, पेण्ड्री, सिंघोर, पहाड़हंसवाही, महई, कोथारी, घुटरा, पूटा, बंजी, अकलासरई, पाराडोल, कुशमहा सहित कुल 47 दूरस्थ स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की सुविधा मिलने लगी है।
कलेक्टर श्री धावड़े ने स्वास्थ्य अमले को शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव माता एवं शिशु के लिए सबसे सुरक्षित है। संस्थागत प्रसव के परिणामस्वरूप शिशु और मातृ मृत्यु दर को कम किया जा सकता है, वहीं माता और शिशु के समग्र स्वास्थ्य की स्थिति में वृद्धि भी की जा सकती है। हाई रिस्क प्रेगनेंसी में संस्थागत प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों को जरूरी चिकित्सीय सुविधा समय पर मिल जाती है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार 1.30 करोड़ स्वीकृत
शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण वनांचलों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की प्राथमिकता के साथ कलेक्टर ने डीएमएफ से विकासखण्ड सोनहत के अंतर्गत ग्राम पंचायत आनंदपुर और विकासखण्ड खड़गवां के ग्राम पंचायत पटमा में उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण हेतु 56 लाख 32 हज़ार रुपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह कोविड 19 के संभावित तीसरे लहर के संक्रमण को रोकने तथा मरीजों के समय पर समूचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने जाने हेतु जिले के कोविड केयर हॉस्पिटल, चिकित्सालयों में आवश्यक दवाईया एवं उपकरणों के लिए भी डीएमएफ से 75 लाख 16 हजार 830 रूपये की राशि स्वीकृत की है।
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