धान खरीदी की तारिख से किसान नही खुश………

Estimated read time 1 min read

Baikunthpur @ Tahkikat News

राज्य सरकार ने खरीफ सीजन सीजन 21-22 में समर्थन मूल्य के साथ एक दिसंबर से धान खरीदी करने की घोषणा कर दी है। इससे पूर्व धान खरीदी की तारीख को लेकर क्षेत्र के किसान असमंजस थे। तो भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रामक हो रही थी। दूसरी ओर किसान आस लगाए बैठे थे कि इस बार राज्य सरकार दिपावली से पहले धान खरीदी शुरू करेगी। लेकिन राज्य सरकार की घोषणा के बाद तय हो गया कि इस बार भी एक दिसंबर से ही धान खरीदी शुरू होगी। वहीं, राजीव गांधी न्याय योजना की तीसरी किस्त एक नवंबर को किसानों के खाते में डाली जाएगी।
धान खरीदी की तारीख तय होने पर पूर्व मंी भैया लाल राजवाडे ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मांग को दबा रही है। वर्तमान में फसल कटाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में किसान एक महीने तक अपने फसल को कहां रखेंगे। धान खरीदी की घोषणा सुनते ही किसानों की माथे में चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। पैसों की कमी के कारण किसान मजबूरन कोचियों के पास धान बेच रहे हैं।

बारदाना संकट बकरार
एक दिसंबर से धान खरीदी आरंभ होनी है, लेकिन अभी तक धान खरीदी केंद्रों में बारदाना नहीं पहुंचा है। जिस पर किसानों का कहना है कि बीते सत्र में किसानों ने अपने बारदानों में धान बेचे थे। वहीं, धान खरीदी केंद्रों में बारदाने नहीं पहुंचने से किसान अनुमान लगा रहे हैं कि इस वर्ष भी किसानों को स्वयं के बार दाने में धान बेचना पड़ सकता है।

खरीदी केंद्रों में तैयारी नहीं
राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार इस बार भी एक दिसंबर से उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। लेकिन धान खरीदी को लेकर अभी तक खरीदी केंद्रों में कोई तैयारी देखने को नहीं मिल रही है। खरीदी केंद्रों में बीते सत्र के फटे बारदाने, त्रिपाल, भूसा सहित अन्य कचरा बिखरा प़ड़ा है। जिसकी सफाई को लेकर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours