पटाखे फोडने में कोर्ट के आदेश की अवहेलना न हो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की….

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Baikunthpur @ Tahkikat News

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली द्वारा पटाखों के उपयोग के संबंध में जारी आदेश के परिपालन में इस वर्ष दीपावली के दिन पटाखें फोड़ने के लिए रात 8 बजे से 10 बजे तक का समय सीमा निर्धारित किया गया है। अन्य पर्वाे जैसे छठ-पूजा प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक गुरु पर्व में रात 8 से 10 बजे तक नया वर्ष व क्रिसमस में रात 11ः55 से 12ः30 बजे तक ही पटाखे फोड़े जाने का समय तय किया गया है। इसका पालन करने हेतु कड़ी निगरानी किये जाने के लिए पुलिस महकमें को जिम्मदार बनाया गया है। कम उत्सर्जन करने वाले इम्प्रूव्ड एवं हरित पटाखों का निर्माण एवं विक्रय किया जाना है। इसके अतिरिक्त अन्य पटाखों के उत्पादन एवं विक्रय पर रोक लगाया जाना है।

सीरीज पटाखे अथवा लड़ियो के विक्रय, उपयोग एवं निर्माण को प्रतिबंधित करना है। केवल उन्हीं पटाखों का विक्रय किया जाना है जिसका ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा (125 डेसीबल) के भीतर हो। आनलाइन अर्थात ई-व्यापारी वेबसाइटों जैसे फ्लिपकार्ट, अमेजान आदि से पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। माननीय उधातम न्यायालय के निर्णयानुसार कम्युनिटी फायर क्रेकिंग के लिए नगरीय निकायों को अपने अधिकार क्षेत्र में एक उपयुक्त स्थल का निर्धारण शीघ्र कर आम जनता को उक्त स्थल की जानकारी दीपावली के एक सप्ताह पूर्व आवश्यक रूप से दिया जाना सुनिश्चित करें।

हो सकता है घातक
पटाखों का बहुतायत में उपयोग होने से वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्घि होती है। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण कोविड-19 वायरस के घातक रूप की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। वायु प्रदूषण अधिक होने से कोविड-19 वायरस के रोगियों की संख्या बढ़ने की भी संभावना हो सकती है। माननीय उचचतम न्यायालय द्वारा दिए गये निर्देशों के संबंध मेे अभी भी जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता नही फैलाई जा रही है। दीपावली के अवसर पर शहर में गुणवत्ता का मापन का कार्य किये जाने हेतु प्रदूषण मापक यंत्र नही है।

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