Baikunthpur @ Tahkikat News
कलेक्टर कोरिया श्याम धावड़े द्वारा सुपोषण अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखते हुए निरंतर मानिटरिंग के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को ग्राम पंचायतों का नोडल भी बनाये जाने के बाद भी सुपोषण अभियान का बेहतर क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग नही हो पाने के कारण शासन द्वारा संचालित सुपोषण अभियान को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही की गई हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुमोदन के बाद परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना सोनहत द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र हरिजनपारा, सोनहत की कार्यकर्ता मीरा चौधरी और आंगनबाड़ी केंद्र खजूरपारा, सलगवांकला की कार्यकर्ता संगीता सोनवानी को सुपोषण अभियान में लापरवाही और कार्य में अनियमितता के दोषी पाए जाने पर पद से बर्खास्त कर दिया गया है। कार्य में लापरवाही और अनियमितता के लिए उक्त दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्व में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। जारी नोटिस के जवाब प्रस्तुत करने के बाद विस्तृत जांच करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दोषी पाया गया। अपने कर्तव्यों का निर्वहन ना करते हुए गंभीर लापरवाही के संबंध में शिक्षा स्थायी समिति के समक्ष सुनवाई की गई और आरोपों की पुष्टि हुई है। समिति के निर्णय और जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुमोदन के बाद कलेक्टर के मार्गदर्शन में परियोजना अधिकारी द्वारा दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
लापरवाही पर 4 सेक्टर सुपरवाइजरों की दो-दो वेतन वृद्धि रोके गये
अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता के लिए कलेक्टर जिले के चार सेक्टर सुपरवाइजरों की दो-दो वेतनवृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश भी जारी कर चुके हैं। बैकुंठपुर विकासखंड के सेक्टर रनई की सुपरवाइजर विमला भगत, भरतपुर विकासखण्ड के सेक्टर कुंवारपुर की सुपरवाइजर सरोज बाला, कंजिया सेक्टर की सुपरवाइजर नर्मदा अनंत और खमरौध की सेक्टर सुपरवाइजर गीता गौंटिया द्वारा अपने कार्य दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी पूर्वक ना करने से ही इन सेक्टरों में कुपोषण की दर में वृद्धि हुई। इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कोरिया द्वारा इन चारो सेक्टर सुपरवाइजरों की दो दो वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं।
सुपोषण अभियान के तहत बच्चों के साथ गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य के लिए पोषक आहारों का वितरण किया जा रहा है और उनके स्वास्थ्य की निरंतर जांच भी कराई जा रही है। इसके अलावा वजन त्यौहार के माध्यम से प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य का औसत आंकलन करके अभियान की प्रगति पर समीक्षा की जा रही है।
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