पेट्रोल 1356 व डीजल 3550 लीटर मिला शार्ट
Baikunthpur @ Tahkikat News
लगातार हो रही शिकायतो विभाग की नींद खुलने के बाद कोरिया जिले के विकासखण्ड़ मनेन्द्रगढ़ स्थिति मेसर्स सुरेश कुमार जायसवाल पेट्रोल पंप की जांच खाद्य अधिकारी व्ही.एन.शुक्ला, सहायक खाद्य अधिकारी संजय कुमार ठाकुर एवं खाद्य निरीक्षक शुभा गुप्ता के द्वारा संयुक्त जांच करने पहुॅचे। पूरा कार्यवाही की जानकारी देते हुए जिले के खाद्य अधिकारी ने बताया कि जांच में पेट्रोल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन डीप राड की सहायता से किया गया जिसके अनुसार पेट्रोल का प्रारंभिक स्कंध 19 हजार 430 लीटर और जांच समय तक विक्रय 2 हजार 304 लीटर अर्थात शेष स्कंध 17 हजार 126 लीटर होना पाया गया। 15 के.एल. 09 के.एल. क्षमता वाले पेट्रोल टैंक का डीप राड की सहायता से सत्यापन करने पर रीडिंग क्रमश. 122 सेन्टीमीटर एवं 100 सेन्टीमीटर पाया गया। कैलिब्रेषन चार्ट के आधार पर दोनो टैंक में पेट्रोल की मात्रा 15 हजार 770 लीटर पाया गया।
इसी तरह डीजल स्टॉक का भौतिक सत्यापन डीप राड की सहायता से किया गया। जिसके अनुसार डीजल का प्रारंभिक स्कंध 27 हजार 144 लीटर और जांच समय तक विक्रय 3 हजार 850 लीटर अर्थात शेष स्टॉक 23 हजार 294 लीटर होना पाया गया। 22 के.एल. 22 के.एल. क्षमता वाले दोनो डीजल टैंक का डीप राड की सहायता से सत्यापन करने पर रीडिंग क्रमश. 153 सेन्टीमीटर एवं 35 सेन्टीमीटर पाया गया। कैलिब्रेशन चार्ट के आधार पर दोनो टैंक में डीजल की मात्रा 19 हजार 744 लीटर पाया गया।
इस प्रकार भौतिक सत्यापन में पेट्रोल 1356 लीटर कम एवं डीजल 3550 लीटर कम होना पाया गया जो कि एम.एस.एच.डी. (प्रदाय तथा वितरण) का विनियमन और अनाचार निवारण आदेश) 2005 की अनूसूची में दर्ज स्टॉक भिन्नता $/- 4 प्रतिशत से अधिक पाया गया। इस कारण से मेसर्स सुरेश कुमार जायसवाल पेट्रोल पंप मनेन्द्रगढ़ पेट्रोल एवं डीजल टैंक में भौतिक रूप से उपलब्ध पेट्रोल 15770 लीटर (तत्कालिक मूल्य 107.39 रू. प्रति लीटर की दर से 16 लाख 93 हजार 540 रू. 30 पैसे) एवं डीजल 19744 लीटर (तत्कालिक मूल्य 106.26 रू.प्रति लीटर की दर से 20 लाख 97 हजार 997 रू. 44 पैसे) अर्थात कुल मूल्य 37 लाख 91 हजार 537 रू. 74 पैसे के पेट्रोल एवं डीजल को जप्ती कर जप्त पेट्रोल एवं डीजल को फर्म के संचालक सुरेश कुमार जायसवाल की सुपुदर्गी में दिया गया।
मेसर्स सुरेश कुमार जायसवाल पेट्रोल पंप मनेन्द्रगढ़ के प्रोपराईटर श्री जायसवाल का उपरोक्त कृत्य छ.ग. मोटर स्पिरिट तथा हाई स्पीड डीजल ऑयल (अनुज्ञापन तथा नियंत्रण) आदेश 1980 की कंडिका 6 के तहत जारी प्रारूप ‘ख’ के बिन्दु 9 एवं मोटर स्पीरिट एवं उच्च वेग डीजल (प्रदाय तथा वितरण का विमियमन और अनाचार निवारण) आदेश 2005 की अनुसूची 1 खंड 2 (च) का स्पष्ट उल्लंघन है जोकि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय अपराध है।
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