अब लोगों को आधार करेंक्शन केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और न ही लंबी लाइन में घंटों इंतजार करना होगा। डाक विभाग ने नागरिकों को बड़ी सहूलियत दी है। आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए लोगों को अब आधार केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और न ही लंबी लाइन में घंटों इंतजार करना होगा। अब आप अपने घर के बाहर ही डाकिए से आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करा सकेंगे। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने डिवीजन के कुछ चुनिंदा डाकघरों में इस महीने से इस सुविधा को शुरू कर दिया है। आने वाले समय में इसका विस्तार किया जाएगा। यह सुविधा जिले के बैकुन्ठपुर डाक आफिस में भी शुरू कर दी गई है। इस नई सेवा से उन गांवों के लोगों को खास फायदा होगा, जिनके आधार कार्ड में अक्सर सही मोबाइल नंबर नहीं होते हैं, और कार्ड अपडेट करने या मूल खो जाने के मामले में डूप्लीकेट कार्ड प्राप्त करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है। आधार में मोबाइल नंबर पीएम किसान मतालब, वन नेषन वन वोटर, वोटर आई डी इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग जैसे कई अन्य जरूरी काम के लिए जरूरी है।
मोबाइल हैंडसेट से डाकिए कर सकेंगे करेक्शन
चाइल्ड एनरोलमेंट लाइट क्लाइंट (सीईएलसी) के माध्यम से आईपीपीबी बैंकिंग सेवा प्रदाता डाकघरों में और ग्राहकों के दरवाजे पर मोबाइल हैंडसेट से अब आधार कार्ड में करेक्शन कर सकेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने सीईएलसी सेवा को विकसित किया है। यह सेवा नागरिकों के आधार के साथ मोबाइल नंबर जोड़ने/अपडेट करने में सक्षम बनाती है। यह 5 साल से कम उम्र के बच्चों के आधार कार्ड के नामांकन की भी सुविधा देता है। इस समय आईपीपीबी ग्राहकों के लिए मोबाइल अपडेशन और चाइल्ड एनरोलमेंट की सेवाएं प्रदान कर रहा है। मोबाइल अपडेशन के लिए नपकंप द्वारा तय शुल्क 50 रुपए लिया जाएगा। वहीं चाइल्ड एनरोलमेंट निःशुल्क रहेगा।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों का भी हो सकेगा नामांकन
अब 5 साल से कम उम्र के बच्चों के आधार के नामांकन भी इसी सिस्टम से हो सकेंगे। आधार के माध्यम से, सरकार करोड़ों लोगों तक पहुंचना चाहती है। एलपीजी सब्सिडी, मनरेगा जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत उनके बैंक खातों में सीधे पैसा ट्रांसफर करना चाहती है। अभी देश में लाखों लोग ऐसे हैं, जिनके मोबाइल नंबर उनके आधार से लिंक नहीं हो पाए हैं। ज्यादातर के मोबाइल नंबर बदलने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। आईपीपीबी द्वारा मोबाइल अपडेशन की पहल इसी कड़ी का एक हिस्सा है। ऐसे जिले जहां कम बैंक हैं और जो आर्थिक रूप से बहुत पिछड़े हैं वहां के लोगों को इस योजना से बहुत फायदा होगा।
सुदूर क्षेत्रों में भी पहुंच बनाना है उद्देश्य
आईपीपीबी की स्थापना डाक विभाग के अंतर्गत संचार मंत्रालय द्वारा की गई है। इसकी 100 फिसद इक्विटी भारत सरकार के पास है। इसे 1 सितंबर 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। आईपीपीबी का मूल उद्देश्य बैंक रहित और कम बैंकिंग सुविधा वाले लोगों की समस्याओं को दूर करना है। भारत सरकार अपने 1,55,000 डाकघरों व 3 लाख कर्मचारियों के माध्यम से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी बैंकिंग व आधार करेक्शन की सुविधा प्रदान करना चाहती है।
इस तरह भी अपडेट कर सकते हैं मोबाइल नंबर
सबसे पहले आधार एनरोलमेंट/अपडेट सेंटर पर जाना होगा। इसके बाद आपको आधार कार्ड सुधार फॉर्म भरना होगा। आपको जो नंबर अपडेट करना हो उसे फार्म पर भरना होगा। इसके बाद करेक्शन केंद्र पर फॉर्म को जमा कर दें। प्रमाणीकरण के लिए आपको अपना बायोमेट्रिक्स देना होगा। फार्म की जांच के बाद आपको एक रीसीट दी जाएगी। इस रीसीट में आपको एक रिक्वेस्ट नंबर मिलेगा। यूआरएन से आप अपना अपडेशन स्टेटस चेक कर सकते हैं। मोबाइल नंबर अपडेट करने के बाद नया आधार कार्ड लेने की जरूरत नहीं। नंबर अपडेट होने के बाद उसी नंबर पर ओटीपी आना शुरू हो जाएगा। अगर आपको आधार का अपडेट स्टेटस देखना है तो आप न्प्क्।प् के टोल-फ्री नंबर 1947 पर कॉल कर भी इसे चेक कर सकते हैं।
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