बारिश जब भी हो, जहां भी हो, उसका संरक्षण करके ही हम बेहतर भविष्य बना सकते हैं – श्री विनय

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कैच दी रेन प्रोग्राम के तहत जलशक्ति मंत्रालय के दल ने विभागों से की चर्चा, किया श्रमदान

BAIKUNTHPUR   @  Tahkikat News……… Develop    BY    ASHOK SINGH 

केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय से आए दल ने भारत सरकार के कैच दी रेन प्रोग्राम के बारे में कोरिया जिले के विभिन्न विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर अपने सुझाव दिए। इसके बाद उन्होने एक जलाशय में श्रमदान कार्यक्रम में भी हिस्सेदारी की। जल ससंाधन विभाग के तत्वाधान में जिला पंचायत के डाटा सेंटर में एक परिचर्चा और प्रस्तुतीकरण का सत्र रखा गया। इस सत्र के आरंभ मे भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय से आए हुए उपसचिव विनय कुमार और तकनीकी निदेशन पृथु राज का स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता जैन ने जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा जल संवर्धन, जल संरक्षण की दिशा में अब तक कराए गए विभिन्न कार्यों से संबंधित एक प्रस्तुतीकरण देकर भारत सरकार के अधिकारियों को जिले में जल जागरूकता के कार्यों से अवगत कराया।

उन्होने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से हुए जल संरक्षण व संवर्धन कार्यों के साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, वाटरषेड प्रोग्राम, वन विभाग के द्वारा कराए गए कार्यों के साथ ही अन्य विभागों के माध्यम से हुए जनपदवार कार्यों से कंेद्रीय दल को अवगत कराया। इसके बाद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री टोप्पो ने भारत सरकार के अधिकारियों को जिले में जल संसाधन की उपलब्धता और संरचनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण देकर अपनी कार्ययोजना के बारे में बताया। प्रस्तुतीकरण देखने के बाद भारत सरकार के जलषक्ति मंत्रालय से आए हुए उपसचिव वाणिज्य विनय कुमार ने जलषक्ति मंत्रालय भारत सरकार के कैच दी रेन प्रोग्राम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान कर सभी विभागों को समन्वय के साथ बारिष के जल को अधिकतम संचय करने के लिए समेकित कार्ययोजना के साथ काम करने का सुझाव दिया।


जलषक्ति मंत्रालय भारत सरकार से आए तकनीकी निदेषक पृथु राज ने उपस्थित विभिन्न विभागीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाला कल तभी सुरक्षित होगा जब हम बारिष के जल का ज्यादा से ज्यादा संचय करेंगे। उन्होने बताया कि तकनीकी दृष्टि से पूरा कोरिया एक पठारी संरचना का क्षेत्र है जहां भूमिगत जल की बहुत अच्छी स्थिति ना होने से हमें ज्यादा से ज्यादा बारिश के जल को रोककर परंपरागत जल स्रोतों को ही बढ़ाना होगा। तकनीकी निदेशक ने आगे बताया कि हमारे क्षेत्र में बारिश का एक सत्र जुलाई से अगस्त के बीच काफी तेज होता है और पूरे साल भर की बारिश का लगभग 70 प्रतिशत पानी इसी एक माह के दौरान गिरता है। कोरिया जिले में इसे रोकने की दिषा में अच्छा प्रयास हो रहा है परंतु अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होने बताया कि भूमिगत जलस्रोत को बढ़ने में पचास साल लगते हैं इसलिए हम प्रयास करें कि इसका कम से कम दोहन हो साथ ही हम एैसी संरचनाओं को बढ़ावा दें जो कि बारिश के जल को रोकती हैंं ताकि हम अपनी सिंचाई के लिए दैनिक उपयोग के लिए बारिष के पानी का अधिकतम उपयोग कर सकें। उन्होने ज्यादा से ज्यादा कुएं और तालाब बनाए जाने और उनके संवर्धन की दिषा में प्रयास करने का सुझाव भी दिया।


जिला पंचायत के डाटा संेटर में कैच दी रेन अभियान पर चर्चा सत्र के दौरान कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, वाटरषेड प्रोग्राम, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के विभाग प्रमुख, उनके इंजीनियर, वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री टोप्पो ने आभार प्रदर्षन किया। इस सत्र के बाद भारत सरकार से आए दोनो अधिकारियों ने बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरवत के एक सार्वजनिक तालाब में जाकर विभिन्न विभागीय अधिकारियांे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कष्यप और उनकी टीम के साथ एक घंटे तक श्रमदान भी किया। श्रमदान करने के बाद भारत सरकार के अधिकारियों के दल को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री टोप्पो ने जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के विभिन्न जल संसाधनों का भ्रमण कराया। इस दौरान अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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