अन्नपूर्णा की कोशिश रंग लाई सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ खुलने से लोगों को मिली राहत

Estimated read time 1 min read

BAIKUNTHPUR   @  Tahkikat News ### ASHOK SINGH 

राहगीरों के लिए गर्मी के दिनों में मटके का ठंडा पानी पिलाने के लिए प्याऊ खोलने की पुरानी परंपरा आज भी चल रही है। बैकुन्ठपुर नगर पालिका के नेताप्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह की मांग पर शहर के जनपद आफिस, जिला सहकारी बैंक, बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगह पर मटके का पानी पिलाने का काम षुरु करवाया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस काम में साफ सफाई का समुचित ध्यान देने से यहां हर समय लोग पानी से गला तर करते रहेंगे।
इन क्षेत्रो में गर्मी की शुरुआत से ही खोला गया प्याऊ लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

शहर में जनहितैषी कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने वाले प्रमुख समाजसेवी और नेताप्रतिपक्ष अन्नपूर्णा के गत सप्ताह नगर पालिका बैकुन्ठपुर द्वारा मांग पर नगर पालिका सीएमओ मुक्ता सिंह चौहान के द्धारा प्याऊ संचालन की वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया है। जिन क्षेत्रो में प्याउ लगाये गये हैं उसमें मरीज और उनके परिजनों, किसानो एवं यात्रियो के अलावा अन्य राहगीर भी यहां ठंडा पानी पीने को मिलेगा।


अन्नपूर्णा का कहना है कि बदलते दौर में ज्यादातर सार्वजनिक स्थानों पर पारंपरिक फ्रिजर मिट्टी के घड़े से स्वच्छता के साथ ठंडा पानी मिलने पर काफी सुखद अनुभूति होती है। शहर के प्याऊ में ही मटके का ठंडा पानी उपलब्ध हो रहा है। जिला सहकारी बैंक के करिब स्थित प्याऊ में दिन भर बैठ कर लोगों का गला तर करने वाले लोगो का कहना था कि ठंडे पानी से इस काम को करने में काफी सुकून मिलता है। स्वच्छता के साथ जब किसी प्यासे को ठंडा पानी पिलाया जाता है, तो उसकी खुशी देखते ही बनती है।

जनहितैषी कार्यों से मन को सुकून

समाजसेवी व नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह का कहना था कि बच्चों को प्रारंभ से अच्छी शिक्षा और संस्कार देने से ही भलाई के कार्याे की पुरानी परंपरा आज भी जीवित है। उन्होंने कहा कि आज भले ही बोतल बंद पानी का अधिक उपयोग होने लगा है, लेकिन गरीब तबका के लोगों की खातिर सार्वजनिक स्थानों पर संचालित होने वाले प्याऊ गला तर करने का बहुत बड़ा सहारा साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि शादी विवाह के मौके पर होने वाली फिजूलखर्ची में कटौती की गई राशि का इस तरह के जन हितैषी कार्यों हम आप सब व्यय करेंगे तो नश्चित ही सुकून मिलेगा।

as

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours