मिलावटी खाद्य पदार्थ बिगाड़ रहे सेहत, सैंपल रिर्पोट की लेट लतीफी से नही होती कार्यवाई

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जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थ बिक रहे, जो सेहत को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सरकार द्धारा मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने पर सख्त कानून बनाए गए हैं। छह माह से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रविधान किया गया है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की ढील के कारण मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री नहीं रुक रही है। एक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के भरोसे पूरे जिले की जिम्मेदारी है, जिसके कारण ये नियमित सभी विक्रेताओं तक पहुंच भी नहीं पाते और पहुंचते भी हैं तो कार्रवाई वहीं खत्म हो जाती है। हालांकि नमूना सहायक के छुटटी पर जाने के कारण डेटा प्राप्त नही हो पाया।

रिपोर्ट आने में लगते हैं सालो

सैंपल की जांच रायपुर में होती है और वर्षों पुराने नियम पर खाद्य सुरक्षा विभाग चल रहा है, जिसके कारण मिलावट नहीं रुक रही है। रायपुर से सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में ही कई महीने गुजर जाते हैं जिसके कारण कार्रवाई प्रभावित होती है। रायपुर में ही लैब है जिसमें प्रदेशभर के सैंपलों की जांच की जाती है। खाद सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जिनके नमूने निगेटिव आते हें उनके द्धारा इसे दोबारा चैंलेंज किया जाता है वो जाच होगी गाजियाबाद या कलकत्ता भेजा जाता है जिसकी जाच रिर्पोअ आने में सालो लग जाते हैं।

आन द स्पाट जांच औपचारिकता

खाद्य सुरक्षा विभाग आन द स्पाट सैंपल लेकर जांच की व्यवस्था की है, इसके लिए प्रदेश में चलित वाहन भी पर्याप्त नहीं हैं। साल में एक दो बार इस वाहन को विशेष अभियान के नाम से जिले में संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर से बुलाया जाता है और कुछ चुनिंदा दुकानों में सैंपल कराकर औपचारिकता निभाई जाती है। इस वजह से यह वाहन भी मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने में असफल साबित हो रहे हैं। इस वाहन के द्धारा नकली फूड कलर और दूध आदि की जाच कराई जाती है। दूसरी ओर जिले में मात्र एक खाद सुरक्षा अधिकारी हैं जिन्हे शहर और दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों की जांच करते हैं। इनकी जांच की प्रक्रिया भी विशेष त्योहारों पर ही होती है, बाकी समय दुकानदार अपने हिसाब से मिलावटी खाद्य सामग्री विक्रय करते हैं।

क्या बोले अधिकारी

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग अपनी तरफ से नियमित जांच करता है और और गड़बड़ी मिलने पर व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई कराता है। शासन द्वारा जो प्राविधान तय किए गए हैं उसी के तहत सैंपलिंग और कार्यवाही की जा रही है।

-विनोद कुमार गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बैकुन्ठपुर

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