मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया सहित आसपास के जिले के छात्रों के हित में एक बड़ी घोषणा की है। राजधानी रायपुर में नालंदा परिसर की तर्ज पर एक और नालंदा परिसर का निर्माण करने पर के लिए बैकुठंपुर विधायक भैयालाल राजवाडे की मांग पर झुमका महोत्सव के दौरान सहमति जता दिया। जिससे बैकुठंपुर में नालंदा परिसर बनने का रास्ता साफ हो गया है।
इस सबंध में बैकुठंपुर विधायक व प्रदेश क पूर्वमंत्री भैयालाल राजवाडे ने बताया कि प्रदेश में पहली बार नालंदा परिसर रायपुर में भाजपा के कार्यकाल में ही बनाया गया था। जहा वर्तमान में ढाई हजार पाठकों के बैठने की सर्वसुविधा युक्त व्यवस्था है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए यह लायब्रेरी युवाओ के लिए मददगार साबित हो रही है। लायब्रेरी 24 घंटे संचालित हो रही है।
नालंदा परिसर के बारे में जानकारी देते हुए श्री राजवाडे ने बताया कि नालंदा परिसर के निर्माण से युवाओ को अपना जीवन सवारने में सहायता मिलेगी। जहा पीएससी, यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं अपना भविष्य सवार सकते हैं।
क्या है नालंदा का इतिहास
प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त काल के दौरान पांचवीं सदी में कुमारगुप्त प्रथम ने किया था। जहा अध्ययन के लिए विश्व भर से लोग आते थे । इतिहास के अनुसार, सन् 1193 में बख्तियार खिलजी के आक्रमण के बाद इसे नेस्तनाबूत कर दिया गया था। कहा जाता है कि, आक्रमण के दौरान यहां पर आग लगा दी गई। उस समय नालंदा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में इतनी किताबें थीं कि कई सप्ताह तक आग नहीं बुझ पाई।
कहा है नालंदा विश्वविद्यालय
नालंदा विश्वविद्यालय पटना से 90 किलोमीटर और बिहार शरीफ से करीब 12 किलोमीटर दूर दक्षिण में आज भी इस विश्व प्रसिद्ध प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय के खंडहर स्थित है। इस महान विश्वविद्यालय की दीवारों के अवशेष आज भी इतनी चौड़ी हैं कि इनके ऊपर ट्रक भी चलाया जा सकता है। इस विश्वविद्यालय में 300 कमरे 7 बड़े-बड़े कक्ष और अध्ययन के लिए 9 मंजिला एक विशाल पुस्तकालय था। जिसमें, एक समय 3 लाख से भी अधिक किताबें मौजूद होती थीं।
देश विदेश से अध्ययन के लिए आते है छात्र
नालंदा को तक्षशिला के बाद दुनिया का दूसरा सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय माना जाता है। वहीं, आवासीय परिसर के तौर पर यह पहला विश्वविद्यालय है, यह 800 साल तक अस्तित्व में रहा। इस विश्वविद्यालय में एक समय में 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे और 2700 से ज्यादा अध्यापक उन्हें शिक्षा देते थे। नालंदा में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत, इंडोनेशिया, ईरान, ग्रीस, मंगोलिया समेत कई दूसरे देशो के छात्र भी पढ़ाई के लिए आते थे। नई नालंदा यूनिवर्सिटी बिहार के राजगीर में बनाई गई है। इसे 2010 को स्थापित किया गया।

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