बार-बार कार्य सुधार नोटिस रहा बेअसर ……स्वास्थ्य विभाग ने लेखापाल का रोका वेतन

Estimated read time 1 min read

काम में लापवाही के लिए दंडित किए गए एनएचएम शाखा के लेखापाल सुधांशु श्रीवास्तव को राज्य के विभाग प्रमुख के द्वारा 3 महीने का कार्य सुधार का नोटिस दिलवाया गया था जिसके उपरांत भी लेखापाल के कार्य में किसी प्रकार का सुधार न होने के कारण मार्च के महीने से इनको वेतन को न देने का निर्णय कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लिया गया है। गत वर्ष जब इनके काम में लापरवाही व कमीशन खोरी की हरकत से विभाग काफी परेशान था जिसके बाद उन्हें 2023 के अक्टूबर महीने में लेखापाल के पद से भी हटा दिया गया था जिसके उपरांत भी उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं हो पाया। जिससे तंग आकर अंततः कोरिया जिले के मुख्य चिकित्सा में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर एस सेंगर ने मार्च के महिने से सुधांशु श्रीवास्तव का वेतन रोकने का निर्णय लिया है ।
सुधांशु श्रीवास्तव विगत कई वर्षों से कोरिया जिले में लेखापाल के पद पर पदस्त हैे एवं पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के गड़बड़ झालों में इनका काफी बड़ा योगदान बताया जाता है। जब जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के बदले जाने के उपरांत भी इनके कार्यशैली में कोई परिवर्तन नहीं हो पाया । जिसकी सूचना विभाग के द्धारा कोरिया कलेक्टर को दी गई। कलेक्टर के अनुशंसा के उपरांत रायपुर में विभाग प्रमुख से इसकी शिकायत की गई एवं इन्हें जिले में कार्य मुक्त कर इनके सहायक को प्रभारी लेखापाल बनाया गया।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यालय कोरिया में कार्यरत जिला प्रबंधक लेखा सुधाशु श्रीवास्तव की वार्षिक कार्यमूल्यांकन सत्र 2022-23 में मूल्यांकनकर्ता अधिकारी के द्वारा गलत पाये जाने पर सुधार के लिए 3 महिने का नोटिस दिया गया था। जिसके बाद निर्धारित 03 माह की नोटिस अवधि समाप्त हो चुकी है। विभाग प्रमुख के पत्राचार किये जाने के बावजूद भी जिले एवं प्रदेश के विभाग प्रमुखो को धता बताते हुए प्रदेश के पिछले स्वास्थ्य मंत्री के करीबी माने जाने वाले प्रभारी लेखापाल पर अब तक कोई बडी कार्यवाई नही हो पाना सवाल तो खडा कर ही रहा है वही पर राजधानी में अब भी इनकी मजबूत पकड को साबित करने के लिए काफी है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours