परंपरा का निर्वाहन………गाल में त्रिशूल फंसाये मस्ती में झूमते गाते निकाली ज्वारा विर्सजन

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घडी चौक पर शैलेश शिवहरे ने साथियो सहित किया स्वागत

चैत्र नवरात्र के अवसर पर ज्वारें कलश की स्थापना और नवमी तिथि को विसर्जन किये जाने की परंपरा की झलक आज बैकुठंपुर के घडी चौक पर देखने को मिली। श्रद्धालु बड़े ही धुमधाम से देवी जस गीत के बीच माता की अराधना एवं सेवा का भाव लिए ज्वारा विसर्जन को लेकर सुबह से ही मां आदिशक्ति के उपासक मां के जवारों की विदाई की तैयारियों में लगे हुए थे। शहर के समीपस्थ मंदिरों में हवन पूजन के बाद कन्या भोजन हुआ, उसके बाद मंदिरों से जवारे बड़ी धूमधाम से साथ निकाले गए। जिसमें महिलाएं देवी मां की भजन गाती हुई एवं कुछ अपने सिर पर खप्पर रख कर भाव खेलती चल रही थी। इस दौरान महिलाएं, बालिकाएं अपने सिर पर जवारे लेकर चल रही थी, कई श्रद्धालु बाना लगाए हुए थे। माता की भक्ति में लीन श्रद्धालु अपने हाथो में कटीला लिए अपने शरीर पर वार कर रहे थे तो कोई अपने हाथोें आग से जलता हुआ खप्पर रखे हुए मां के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहा था। ज्वारे लेकर जब आस्थावानो की टोली बैकुठंपुर के घडी चौक पर पहुॅचे तो पूर्व नपाध्यक्ष शैलेश शिवहरे सहित उनके साथियो ने शरबत पिलाया एवं बाना लेने वाले महिलाओ और पुरुषो पर पानी डाला।

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