08 जून से कोरिया समेत समूचे छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून फुहारें
समेत समूचे छत्तीसगढ़ का मौसम इन दिनों बदला हुआ है। पिछले एक सप्ताह से कोरिया जिले में लगातार बारिश और धूप-छांव की स्थिति के बीच गर्मी का प्रभाव कम हुआ है। इस बीच बताया जा रहा है कि मानसून के बादल अंडमान-निकोबार पर बरस रहे हैं। यहां से बादल केरल पहुंचेंगे, केरल से बादलों के छत्तीसगढ के बस्तर पहुंचने का औसत समय 10-12 दिनों का है। वहां से बादल औसतन दो दिन में कोरिया जिले पर प्रभावी हो जाएंगे। मौसम विभाग की माने तो अंडमान में मानसून आ गया है। केरल में मानसून सक्रिय होने की सामान्य तारीख 1 जून है। उसी के बाद आईएमडी से मानसून की देश में सक्रिय होने की लांग रेंज फोरकास्ट जारी होगी। 5 जून से बस्तर समेत समूचे छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून फुहारें और 15 जून के आसपास मानसूनी वर्षा शुरू हो सकती है।
जिले भर में बीते सप्ताह से दिन के दूसरे पहर में लगातार मौसम अपना रुख बदल रहा है। जिस कारण गत दिनो हुई बारिश से तपिश कम हुई है। मौसम विभाग की माने तो आगामी 72 घंटों के दौरान जिलों में अधिकतम तापमान में 4-5 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। वही पर गुरुवार को एक दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वर्षा होने तथा अंधड़ चलने के आसार हैं। जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया।
तीन सिस्टम एक साथ सक्रिय
बताया जा रहा है कि एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्वी राजस्थान एवं आसपास के क्षेत्र में औसत समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर स्थित उक्त चक्रवात से उत्तरप्रदेश, झारखंड एवं गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए, दक्षिण असम तक कमी औसत समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। एक द्रोणिका उत्तर-पूर्वी राजस्थान से मध्य महाराष्ट्र व उत्तरी आंतरिक कर्नाटक होते हुए, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक, औसत समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।


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