पशुओं पालको के विरूद्ध कार्यवाही करने नपा और जनपद अधिकारीयो को निर्देश

बैकुठंपुर में पशुपालकों की बदमाशी के कारण शहर की हर ओर जाने वाली सडक पर जानवर इन दिनो शहर वासियो के लिए काल बनकर घूम रहे हैं। सड़क पर इनके जहां तहां बैठने से आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वहीं, पशुओं की भी मौत हो रही है। दिन हो या रात इनके विचरण ने राहगीरों की मुसीबत बढ़ा रखी है। सबसे अधिक समस्या हर शाम को जिला अस्पताल बैकुठंपुर व जनपद के पास रहता है।
आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। पशुओं के स्वच्छंद विचरण से आवागमन बाधित होने के साथ राहगीरों को आने-जाने में जानवरों का भय बना रहता है। सुबह से लेकर रात तक आवारा पशु सड़कों पर डटे रहते हैं। इन्हें सड़क से भगाने की कोशिश में ही दुर्घटनाएं घट जाती हैं। खासकर सडक किनारो पर अवैध कब्जा कर होटलो का संचालन किया जा रहा है जिय कारण जानवरो का जमावडा इनके होटलो के पास बना रहता है।
नगर पालिका और जिला प्रशासन जानकारी होने के बावजूद मामले में चुप्पी साधे है। जबकि, नगर पालिका काउ कैचर वाहन होने के बावजूद बीते कई वर्षो से यही हाल बना हुआ है। पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के किसानों की शहर में जानवर पहुॅचाने के कारण सैकडो लोगो की मौत व हजारो घायल हो चुके हैं।
ऐसे में राहगीरों को अपने वाहन निकालने में परेशानी होती है। कई बार तो यह जाम का कारण भी बनते हैं। पिछले कुछ दिनों में पशुओं के कारण कई लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं। वहीं, रोजाना वाहनों की चपेट में आने से इन पशुओं की भी मौत हो रही है। लोगों की शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन इन्हें पकड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। वहीं, नगर पालिका के सभी दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं। काउ कैचिंग वाहन पालिका की शोभा बढ़ा रहा है।

इन सडको पर रहता है जमावडा

सुबह होते ही आवारा पशुओं से छुटकारा पाने के लिए ग्रामीण गांव की सीमा से शहर की ओर खदेड़ते हैं। जहा दिन भर सैकडो जानवर दिन भर पशुओं के झुंड को सड़कों कब्जा जमाये रहते हैं। शहर की सड़कों पर घूमते आवारा मवेशी वाहन चालकों व राहगीरों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। यह समस्या हास्पिटल से तक, पोस्ट आफिस के बगल में, सब्जी मंडी रोड, नया एवं पुराना बस स्टैंड, जूनापारा, एमएलए नगर, महलपारा, भटटीपारा आदि लगभग सभी सडको पर दिखाई देती है।

बाजार के दिन और बढ जाती है समस्या

सबसे ज्यादा परेशानी साप्ताहिक बाजार के दिन होती है जब ये आवारा पशु बाजार में घुसकर अव्यवस्था उत्पन्न करते हैं और इन्हें भगाने की कोशिश में कई लोग घायल हो जाते हैं। इसके अलावा केरा रोड में मवेशियों के कारण लोग सीधा से ड्राइव ही नहीं कर सकते। नगर के चौक-चौराहों व गलियों में आवारा पशुओं का डेरा कभी न खत्म होने वाली समस्या बन गई है।

पशु मालिक जिम्मेदार

शहर की सड़कों पर आवारा जानवरों का कब्जा होने के पीछे पशु मालिक ही जिम्मेदार हैं। मवेशियों से हित साधने के बाद इन्हें सड़कों पर आवारा घूमने के लिए इस तरह छोड़ दिया जाता है जैसे मवेशियों से उनका कोई नाता न हो। दुर्घटना में मवेशियों की मौत के बाद वे मुआवजा के लिए जानवरों पर दावा करते हैं।

कलेक्टर ने पशु पालको को चेताया

कोरिया कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि सड़कों में आए दिन अवारा व घुमंतु पशुओं के होने से जनधन की हानि होने की आशंका बनी होती है। ऐसे सभी पशु पालको से अपील करते हुए कहा कि अपने पशुओं को सडक पर न छोड़े अन्यथा नियमानुसार उनके विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश नगर पालिका अधिकारी व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को दिए है।

घायलो ने बताया आपबीती

हादसा न0 01

जनपद से जिला अस्पताल तक सडक में शाम होते ही मवेशियों का डेरा सड़क पर लग जाता है। सडक पर चलने वालों को भी परेशानी होती है। गढेलपारा के दवा दुकानदार ने बताया कि वह हर रात की तरह अपने घर जा रहे थे कि अचानक सडक पर बैंठे जानवर उठकर दौड पडे जिससे उनका मोटर सायकिल अनियत्रित होकर सडक की डिवाईडर से जा टकराया। जिस कारण उनके पैर में गंभीर चोट आई और वो विगत 10 दिनो से घर पर आराम करने को विवश हो गये हैं।

हादसा न0 02

ओडगी नाका पर एैसे ही एक हादसे में मोटर सायकिल उमेश चालक की पैर टूट गई। उन्होने बताया कि सप्ताह भर पहले चवो बाईक से सागरपुर जा रहे था तो एक गाय अचानक उठ गई जिससे वह बाइक समेत गिर गया। हादसे में उसके हाथ व पैर में चोट आई। उस समय अगर दूसरी गाड़ी आ रही होती तो बड़ा हादसा हो सकता था जिससे उनकी जान जा सकती थी।

हादसा न0 03

सब्जी मंडी सडक पर स्कूटी सवार अनिकेत पर जानवर ने हमला बोल दिया। जिससे उसका हाथ टूट गया। उन्होने बताया कि गत रविवार की रात वह स्कूटी से जा रहा था। जोडा तालाब के उपर सड़क में बैठी गाय पर दौड गई। बडी मुश्किल से बडा हादसा होते होते बच गया। एैसे अनगिनत हादसे हर रोज हो रहे हैं। एैसे पशु पालको पर हत्या का मुकदमा होना चाहिए आखिर हमारी गल्ती क्या है हम सडक पर न चले तो कहा चलें।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours