ओलंपिक में जाना चाहता था…..आज दुनिया से ही चला गया रोनित
एनएच विभाग की अनदेखी से आज गई दो जान
गुरुवार की सुबह बैकुंठपुर निवासी एक परिवार ने अपने होनहार सपूत को खो दिया। मनेन्द्रगढ बैकुंठपुर एनएच 43 के जमदुआरी घाट के समीप कार एवं बाइक की आमने सामने की टक्कर में बाइक चालक की मौके पर मौत हो गई। जबकि कार चालक युवक ने अम्बिकापुर में ईलाज के दौरान अंतिम सांस ली।

मिली जानकारी के मुताबिक, बैकुंठपुर के अग्रवाल सिटी निवासी रोनित सिंह (23) गुरूवार सुबह अपनी हुंडई आई 20 कार क्रमांक सीजी 16 सीएच 3582 में सवार होकर मनेंद्रगढ़ जाने के लिए सुबह 9 बजे निकला था। कि इस दौरान वह एनएच 43 में बरबसपुर-नगर के बीच जमदुआरी घाट के पास पहुंचा। तेज रफ्तार कार की टक्कर सामने से आ रही बाइक से हो गई।
बताया जा रहा है कि घटना स्थल से पूर्व पुल के ठीक पहले सडक दबने से बने जर्क के कारण कार उछली जिसके बाद वह अनियत्रित होकर बाईक से जा टकराई। लोगों ने बताया कि पुल को पार करने के दौरान तेज रफ्तार कार उछलकर बेकाबू हो गई। इससे पहले भी इस स्थान पर कई हादसे हो चुके हैं, फिर भी नेशनल हाइवे और जिला प्रशासन के द्धारा इसमें दो साल बीत जाने के बाद भी सुधार नही कराया गया है।

बाइक से टकराकर कार बेकाबू होकर सड़क किनारे कई बार पलट गई। जिसके बाद कुछ लोगो के द्धारा घायल रोनित को जिला अस्पताल बैकुंठपुर लाया गया जहा उसे प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर जीवन ज्योति हॉस्पिटल के लिए रिफर कर दिया गया। जहा ईलाज के दौरान रोनित ने अंतिम सांस लिया। इस दौरान रोनित के माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है अपने इकलौत पुत्र के नही रहने की खबर से परिजन बेसुध हो गये ।
फेरी वाले की मौके पर मौत
हादसे में बाइक सवार मृतक उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है। वह नागपुर में किराए के मकान में रखकर फेरी लगाने का काम करता था। हादसे में बाइक क्रमांक यूपी 21 सीयू 7540 के चालक राहत खान (26) को गंभीर चोटें आई एवं उसकी मौके पर मौत हो गई। बाइक को टक्कर मारने के बाद बेकाबू कार सड़क किनारे कई बार पलटते हुए दूर चली गई। चरचा थाना के द्धारा उसकी मौत की सूचना परिजनों को दे दी गई है।

पावर लिफ्टिंग में रोनित ने जीता था दो गोल्ड
कोरिया ने प्रतिभा के धनी अपने सपूत रोनित को आज खो दिया । रोनित ने गत वर्ष राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल हासिल किया। उसकी इस उपलब्धि ने पूरे परिवार को गौरवान्वित था। रोनित सिंह ने 64 किलोग्राम, ओवरआल 205 किग्रा वर्ग में प्रथम स्थान पाकर गोल्ड मेडल हासिल किया। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा राज्यस्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता 2022 में 85 किलो वजन श्रेणी में रोनित ने प्रथम स्थान प्राप्त कर दो गोल्ड मेडल जीता था। वही पर रोनित ने तीसरी राज्यस्तरीय स्टेट वर्ड पावरलिफ्टिंग चौपियनशीप, जोकि 9 व 10 जुलाई 2022 को रायपुर के गुड़ियारी में आयोजित किया गया था उसमे रोनित सिंहने इस प्रतिस्पर्धा में जूनियर वर्ग में 85 किलो ग्राम वजन समूह में कांस्य पदक प्राप्त किया था। संभाग स्तरीय इंडियन पावरलिफ्टिंग फेडरेशन के द्वारा आयोजित डिस्टिक लेवल पावर लिफ्टिंग जूनियर कैटोगेरी में 83 किलोग्राम वर्ग में खेल के स्वर्ण पदक प्राप्त किया था।

वो सपना जो अब कभी न होगा पूरा
रोनित ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतना चाहता था इसके लिए वो पूरी मेहनत कर रहा था और उसके परिजनों ने भी पावरलिफ्टिंग को कैरियर बनाने वाले रोनित का पूरा साथ दिया । अब उसकी माता पिता की आंखे उस रोनित को ढूढ रही है दोनो का ही रो रो कर बुरा हाल है। रोनित के कोच गुरु धमेन्द्र दास ने कहा कि रोनित के मौत से वो सुन्न पड गये हैं। विदित हो कि रोनित के पिता राकेश सिंह स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है जबकि माता सुजाता सिंह एक हाउस वाईफ हैं।

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