स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि न घबराये जिले में पर्याप्त मात्रा टीबी रोगियों की दवा…..

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प्रदेश भर में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन अभियान में दवाओं की कमी बाधा बनने के बाद अब जिला अस्पताल बैकुंठपुर में टीबी के दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से मरिजो को दवा के लिए अपनी जेबे ढिली करनी पड रही थी । प्रदेश भर में प्रदेश सरकार की आलोचना के बाद अब जाकर दवाओ की आपूर्ति की जा रही है। बताया जा रहा है कि बैकुंठपुर के जिला अस्पताल समेत जिले के सीएचसी केन्द्रो पर मरिजो के लिए मुश्किल होने के हालात बन गये थे। स्वास्थ्य विभाग का दवा भंडार खाली होने के कगार पर था। कोरिया जिले में बताया जा रहा है कि मरिज कम होने के कारण एक महिने की दवा स्टाक बचा था।

इससे दवा चक्र टूटने का खतरा बढ़ गया था दरअसल, प्रारंभिक चरण में टीबी की बीमारी पकड़ में आने पर न्यूनतम छह माह तक निरंतर दवा चलाई जाती है। जिला अस्पताल 15 दिन से एक महीने तक की दवा की खुराक देकर ऐसे रोगियों पर निगरानी रखता है। वहीं, टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जिला स्तरीय टीम इन रोगियों को उनके घर पर ही दवाओं की सुविधा प्रदान करती है। इसके अलावा रोग से लड़ने के लिए मरीज को जागरूक किया जाता है।

कभी असाध्य माने जाने वाले क्षय रोग (टीबी) को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियां कम होने के साथ टीबी रोगियों की मृत्युदर में भी साल दर साल कमी आने लगी है। टीबी रोग पर नियंत्रण रखने के लिए चलाए जा रहे डायरेक्टली आब्जवर्ड ट्रीटमेंट विद् शार्ट कोर्स (डाट्स) के तहत रोगियों को दवाएं देने के साथ ही डाक्टरों की निगरानी में रखा जाता है। जिला मुख्यालय में वर्ष 2004 में क्षय नियंत्रण केंद्र खोला गया। जिसके माध्यम से डाट्स कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। बीते तीन सालों में जहां बलगम की जांच कराने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो इस दौरान करीब 27 रोगियों को मृत घोषित किया गया है। विदित हो कि 2023 में कोरिया जिला विभाजन के बाद कोरिया में इससे संक्रमित लोगो आंकडो में कमी आई है।

फैक्ट फाईल………

वर्ष पंजीकृत रोगी – मृत रोगी
2015 690
2016 784
2017 870
2018 574
2019 910
2020 710
2021 690
2022 621 15
2023 199 12
2024 124 00

जिले में इस समय दवाओ की स्थिति

दवा का नाम – संख्या
4 एफडीसी 53766
3 एफडीसी 38668

वर्जन……

अब जिले में टीबी की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है इसलिए किसी भी मरिज को घबराने की जरुरत नही है।

डॉ. आर एस सेंगर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरिया

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