ग्रामिणो के सामुहिक शिकायत पर तीन वर्ष तक चली जाच के बाद आया फैसला

तहसीलदार, एसडीओ, सबइंजीनियर एवं अमीन पर एफआईआर कराने कलेक्टर ने दिये आदेश

कोरिया जिले में पिछले पाच वर्षो में किस कदर भ्रष्टाचार किया गया है उसकी परते प्याज के छिलके के तरह धीरे-धीरे उतर रही है। जिला राजस्व न्यायलय ने शासकीय भूमि को निजी व्यक्ति के नाम पर चढ़ाने के मामले में पाया कि तत्कालीन तहसीलदार द्वारा अभिलेखों का सही परीक्षण न कर अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरती गई एवं उनकी सक्रिय संलिप्ता स्पष्ट है। शासकीय भूमि को कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर निजी व्यक्ति को लाभ पहुँचाने हेतु तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर आर०सी०सोनी (वर्तमान में सेवानिवृत्त) एवं आर०सी०जैन, उप अभियन्ता जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर तथा तत्कालीन अमीन वैद्यनाथ शर्मा (वर्तमान में सेवानिवृत्त) द्वारा बिना अभिलेखों का परीक्षण किये अभिलेखों का अपने स्तर से दिनांक 01.09.2020 को प्रमाण पत्र जारी कर निजी व्यक्तियों को लाभ पहुँचाना स्पष्ट होता है।
मामले में वर्तमान तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया के द्वारा दिनांक 07.02.2022 को पत्र जारी कर ख0नं0 442/2 रकबा 0.097 हे० सिंचाई विभाग की शासकीय भूमि के नाम के जगह किशुनराम आ० हीरासाय जाति रजवार के नाम दर्ज करने का आदेश जारी कर अभिलेख दुरूस्त कराया गया है।
जाच में पता चला कि पूर्व तहसीलदार ऋचा सिंह के द्वारा रा०प्र०क0-11/1-6 31/2020-21 आदेश दिनांक 02.03.2021 को सिंचाई विभाग की भूमि को दलालों से मोटी रकम लेकर निजी भूमि बताकर किशुनराम आ०हीरासाय के नाम पर दर्ज करने का आदेश दिया गया । तहसीलदार से इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि भूमि किशुनराम की पैतृक भूमि है।
शासन की भूमि को निजी बताकर शासकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। तहसीलदार के द्वारा पारित एवं अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग का अनापत्ति फर्जी पाई गई।
जिसके बाद शासकीय भूमि का नामान्तरण विधि विरूद्ध पाये जाने के कारण निरस्त कर किशुनराम, उदेराम, भैयालाल आ० हीरासाय एवं बुधियारो बेवा हीरासाय का नाम विलोपित कर छत्तीसगढ़ शासन सिंचाई विभाग के नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया ।

एफआईआर करा सूचित करना होगा

कार्यपालन अभियन्ता जल संसाधन संभाग बैकुण्ठपुर जिला कोरिया को निर्देशित किया जाता है कि तत्कालीन तहसीलदार बैकुण्ठपुर ऋचा सिंह, आर०सी०जैन, उप अभियन्ता जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर आर०सी०सोनी (वर्तमान में सेवानिवृत्त), आर०सी०जैन, उप अभियन्ता जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर तथा तत्कालीन अमीन जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर जिला कोरिया वैद्यनाथ शर्मा (वर्तमान में सेवा निवृत्त) के विरूद्ध संबंधित थाने में अपराध पंजीबद्ध कराकर 15 दिवस के भीतर पालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करें एवं तत्कालीन तहसीलदार ऋचा सिंह के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करने हेतु सचिव, छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को प्रेषित किया जावे।

यह हुआ था शिकायत

समस्त ग्रामवासी ग्राम सागरपुर तहसील बैकुण्ठपुर द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया कि ग्राम सागरपुर प०ह०नं0-10 तहसील बैकुण्ठपुर स्थित भूमि ख0नं0 442/2 रकबा 0.097 हे0 सिंचाई विभाग के नाम पर वर्ष 1975 से दर्ज चला आ रहा था। सिंचाई विभाग की शासकीय भूमि को किशुनराम आ० हीरासाय रजवार के नाम दर्ज करने का आदेश जारी कर पटवारी अभिलेख दुरूस्त कराया गया है। प्रकरण का सूक्ष्म जांच कराकर ग्रामवासियों के हित में न्याय करने का निवेदन करने पर प्रारंभ किया गया। वर्तमान में ग्राम सागरपुर का ग्राम पंचायत भवन बना हुआ है और पंचायत से संबंधित कार्यों का सम्पादन इसी पंचायत भवन से किया जाता है। वर्तमान पटवारी अभिलेख में उक्त भूमि ग्राम पंचायत भवन और खेल का मैदान के रूप में दर्ज है।

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