सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्किापुर के नमना का मामला
पूर्व में सरगुजा महाराज ने आदिवासी को दान दिया था भूमि
कब्जे की भूमि पर दशको से आदिवासी परिवार करता आ रहा था धान की खेती
बाद में मकान जलने के कारण आदिवासी परिवार को सरगुजा महाराज से मिला पेपर जल गया
हाईकोर्ट से केस हारने के बाद तात्कालिन सरगुजा कलेक्टर रितुसेन आदिवासी परिवार के खिलाफ चली गई थी सुप्रिम कोर्ट
सुप्रिम कोर्ट में कागजात न दिखापाने के कारण शासन के पक्ष में दिया था फैसला
2018-19 में प्रदेश सरकार ने परिवार को एक मौका देते हुए 9 करोड रुपये भूमि शुल्क जमा करने दिया था आदेश
पैसा न पटाने के एवज में नजूल के कब्जे में हो गई थी भूमि । जिसके बाद इस भूमि पर लोगो के अवैध कब्जे का दौर हुआ था शुरु
सरगुजा संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर के नमनाकला में अम्बिकापुर के जजो के आबंटित आवास भूमि से प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया। सरगुजा जिला प्रशासन का अमला रविवार 28 जुलाई को तड़के भारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुॅचा। प्रशासन ने अतिक्रमण को जमीदोज करने अपने साथ 6 बुलडोजर लेकर पहुॅचा था। देखते ही देखते शहर के काफी लोग मौके पर आ गए और घंटों चली इस कार्यवाही को देखते रहे।
रविवार को सुबह 5 बजे अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एसडीएम, तहसीलदार, निगम कमिश्नर, आरआई, पटवारी, कोटवार पुलिस जवानों के साथ राजस्व, नगर निगम, पुलिस, विद्युत, पीडब्ल्यूडी सहित आधा दर्जन विभाग नमनाकला स्थित होटल मिलन जोन द्वारा 70 डिसमिल की शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने पहुंचा। होटल में सो रहे कर्मचारियों को बाहर निकाल कर पूरे परिसर को चारों तरफ से जेसीबी से तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व ही संचालक को नोटिस देकर कब्जा हटाने का आदेश दिया गया था।
सरकारी जमीन पर संचालित था होटल
जानकारी के मुताबिक, नमनाकला में नजूल की जमीन पर कब्जा कर होटल मिलन जोन बनाया गया था। अवैध कब्जे के व्यवस्थापन हेतु आवेदन भी दिया गया था। आवेदन राज्य सरकार ने खारिज कर दिया। इसके बाद बेजा कब्जा हटाने के लिए कब्जाधारियों को नोटिस भी दिया गया था। बेजा कब्जा स्वयं नहीं हटाए जाने पर रविवार सुबह प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई की।
ढहाया गया होटल और आहाता
प्रशासनिक अमले ने 23 जुलाई को बेजा कब्जा हटाने का नोटिस भी चस्पा किया था। सुबह सामानों को बाहर निकालने के लिए कब्जाधारियों को कुछ समय भी दिया। सामानों को हटाए जाने के बाद बुलडोजर से होटल के कमरों, लॉन एवं आहाते को तोड़ दिया गया।
प्रेस मशीनों को हटाने दी मोहलत
प्रशासनिक अमले ने एक कमरे, जिसमें प्रिंटिंग की मशीनें हैं, उसे नहीं तोड़ा गया है। मशीनों को हटाने के लिए मोहलत दी गई है। इस दौरान प्रशासनिक, निगम के अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
व्यवस्थापन का आवेदन हो चुका है खारिज
अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने बताया कि अतिक्रमणकारियों द्वारा नमनाकला में 2017-18 में अवैध कब्जा कर व्यवस्थापना के लिए आवेदन भी दिया था। उनके आवेदन को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया। कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया था। मौके पर होटल और लॉन का संचालन किया जा रहा था। करीब 70 डिसमिल जमीन को प्रशासनिक अमले ने कब्जा मुक्त कराया है।

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