सीएमएचओ बोले जाच दल करेगी सीसीटीवी फुटेज और मरिजो से बयान

बैकुंठपुर।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित सरकारी अस्पताल आरजीकर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या से देशभर में आक्रोश और रोश का माहौल है। इस घटना के देश भर प्रतिक्रिया और अस्पतालो में सुरक्षा की मांग के बीच छत्तीसगढ के कोरिया के सोनहत के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हुए एक मामले की सोनहत थाने में शिकायत की गई है। इस सबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि मामले की जानकारी एसडीएम एवं पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले में एक जांच दल भी गठित किया जा रहा है जोकि मामले की पूरी तरीके से जांच करेगा । सीएससी केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं उसका भी अवलोकन किया जाएगा । उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएग । किसी ने यदि गलत किया होगा उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।

सीएचसी सोनहत में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर पदस्त सरस्वती फिशर ने रविवार देर शाम थाना प्रभारी सोनहत को शिकायत का पत्र सौप एफ.आई.आर. दर्ज कराने की मांग की है। उन्होने कहा कि उद्देशय साहू पिता अरूण साहू ग्राम सोनहत के द्वारा 01.09.2024 रविवार को दोपहर लगभग 02.15 बजे अस्पताल के अंदर महिला वार्ड व पी.एन.सी. कक्ष में जबरदस्ती वीडियों बना रहा था।

मेरे द्वारा विडियोग्राफी हेतु मना करने पर भी उनके द्वारा मेरे साथ बदस्लूकी की गई। उसके बाद नर्स के द्धारा मोबाईल कैमरा बंद करने को कहा गया इस बात पर नर्सिंग स्टाफ के साथ बदत्मीजी किया गया। इतना बोलने बाद उनके द्वारा मेरा हाथ पकड कर मुझे वहां से धक्का देकर हटा दिया । नर्स ने बताया कि उसके द्वारा कई बार ऐसा किया जा चुका है सोशल मिडिया पर एक बार पहले इनके द्वारा नर्स का विडियों डाला गया था ।

पिडित नर्स ने पुलिस से मांग करते हुए कहा है कि इस घटना से बहुत ठेस पहुंची है। उसके बार-बार ऐसा करने से मानसीक तौर पर प्रताडित महसुस कर रहीं हूं जिस प्रकार आज उसका हाथ पकड कर धक्का देकर हटाया गया है कल वह अस्पताल में ड्यूटी पर अकेला पाकर कोई बडी घटना को अंजाम दे सकता है। जिससे मैं अब अस्पताल में ड्यूटी करने में डरा हुआ महसूस करूंगी। इसलिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट एवं माननीय उच्च न्यायालय एवं शासन के आदेशों की अवहेलना के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्यवाही करें।

हाई कोर्ट ये दिया है आदेश

छत्तीसगढ़ शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्धारा 12.06.2024 को शासकीय चिकित्सालय में उपचार करा रहे मरीजों की फोटोग्राफी व विडियोग्राफी नहीं कराये जाने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये थे जो कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा जनहित याचिका पर यह आदेश दिया गया है।

अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल

गौरतलब है कि कोलकाता की घटना के बाद जहा एक ओर अस्पताल स्टापो की सुरक्षा पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात नर्स के साथ बदसलूकी़ की घटना ने एक बार फिर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। खासकर रात में महिला स्वास्थ्यकर्मी स्वास्थ्य केंद्र में कैसे काम करेंगी? यह सवाल उठ खड़ा हो गया है।

वर्जन……

सीएचसी केन्द्र सोनहत में सुरक्षा कर्मी दिया ही नही गया है। उन्होने कहा कि घटना से उच्च अधिकारियो को अवगत करा दिया गया है। वही पर मामले की लिखित में शिकायत थाने में की गई है।

श्रेष्ठ मिश्रा – बीएमओ सोनहत

मामले की जानकारी एसडीएम एवं पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले में एक जांच दल भी गठित किया जा रहा है जोकि मामले की पूरी तरीके से जांच करेगा । सीएससी केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं उसका भी अवलोकन किया जाएगा । उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएग । किसी ने यदि गलत किया होगा उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. प्रशांत सिंह- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरिया

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