8 महीने में 600 से ज्यादा बलात्कार……कांग्रेस करेगी प्रदर्शन

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बैकुंठपुर।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब महिला अपराध को लेकर प्रदर्शन करेगी। 2 सितंबर को प्रदेशभर में कांग्रेस नेता इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। वहीं 3 सितंबर को कोरिया जिले समेत प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कोरिया जिला कांग्रेस कार्यालय के राजीव भवन में कां्रगेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने बीजेपी सरकार पर कई आरोप लगाए कहा कि, 8 महीने में राज्य में महिलाओं के खिलाफ 3094 अपराध हुए हैं। 600 से ज्यादा बलात्कार की वारदात हुई हैं। भाजपा सरकार के 9 महीने के शासन में छत्तीसगढ़ में महिलाएं असुरक्षित हो गई हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है? इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, ब्लाक अध्यक्ष अजय सिंह, वरिष्ठ नेता मुख्तार अहमद मौजूद रहे।

हर जगह में महिलाएं असुरक्षित- योगेश

पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दिनों-दिन महिलाओं के प्रति अपराध के मामले में बढ़ रहे हैं। सरकार नाकाम है। इस वजह से कांग्रेस के लोग सड़क पर उतर कर इन घटनाओं को विरोध करेंगे। उन्होने ने दावा किया कि रोज प्रदेश में कहीं न कहीं सामूहिक बलात्कार की घटना हो रही है। महिलाएं खुले में बाहर निकलने में भयभीत हो रही है। कोरिया से लेकर राजधानी रायपुर में भी महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

रायपुर में गैंगरेप को बताया गया रेप-अजय सिंह

ब्लाक बैकुंठपुर कांग्रेस के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि महिला अपराधों को गिनाते हुए दावा किया कि, रायपुर नया बस स्टैण्ड में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखी गई, वो भी दुष्कर्म की, गैंगरेप को नकार दिया गया। यहां भी पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों के गैंगरेप किया। रिपोर्ट लिखने में बहानेबाजी कर रही थी। मीडिया के दबाव के बाद रिपोर्ट लिखी गई। जशपुर के एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हो गया। वहीं कोंडागांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार हो गया। 20 दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई।

भिलाई में बच्ची से दुराचार एफआईआर नही-मुख्तार

कांग्रेसी नेता मुख्तार अहमद ने भिलाई की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि, 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना हो गई। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया, जबकि पॉक्सो एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई घटना होने पर पहले एफआईआर होनी चाहिए। भिलाई के बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो-दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बच्ची के निजी अंगों में चोट है कुछ गलत हुआ है। इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल भी किए।

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