दूध देना बंद करने पर गायों को छोड़ देते हैं बेसहारा
गौसेवक व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य रेवा यादव ने सडको पर मरते गायो पर कडा एतराज जताते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तरह छत्तीसगढ में भी यूपी की तरह एैसे पशु पालक जो जानवरो को दूध गारे के बाद सडको पर मरने के लिए छोड देते हैं। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का कानून प्रदेश सरकार बनाये। तब ही सडको पर मर रहे गायो पर रोक लगेगी। उनहोने कहा कि जो दूध देना बंद करने पर गायों को बेसहारा छोड़ देते हैं। ऐसे पशुपालकोें के खिलाफ पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। गौरतलब हो कि गत दिवस बैकुंठपुर के खरवत मे रेलवे लाइन पर 13 पशुओ की कटकर मौत हो गई थी
उन्होने कहा कि कसाई और किसान का अंतर ही खत्म हो गया है। अपने पशुओं को छोड़ने वालों के खिलाफ पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाए। उन्होने शहर भर की सडको पर घूमने वाले पशुओ के बारे में कहा कि वे आवारा मवेशी नहीं हैं, बल्कि उन्हें छोड़ा गया है।
हर कोई जानता है कि उन्हें किसने छोड़ा है। जब एक गाय दूध देती है तो उसका ध्यान रखा जाता है और जब दूध देना बंद करती है तो छोड़ दिया जाता है। हम भी गायो को पालते हैं परन्तु वो कौन सी मांशिकता है जो एैसा कर रही है उसका इलाज जरुरी है। पीएम मोदी ने किसानों से यह भी वादा किया है जब उनकी गायें दूध देना बंद कर देंगी तो किसान उनके गोबर से भी आय अर्जित कर सकेंगे।


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