सब्जी, आटा के बाद अब तेल तोड रहा मध्यम वर्ग का कमर
बैकुंठपुर।
त्योहारो के ठिक पहले इन दिनों आम गृहणियों की परेशानी बढ़ गई है। पहले से ही मंहगाई से परेशान लोगो को अब खाद्य तेल के बढे़ दामों ने चिंताएं और बढा दी हैं। बेलगाम हुए तेल के दामों में कब लगाम लगेगी या फिर अभी और बढेगी गृहणियां अब यही सोच कर चिंचित नजर आ रही हैं।
विगत सप्ताह में खाद्य तेल के दाम 20 से 30 फिसद तक बढने के चलते रसोई का बजट बढ गया है। गृहणियों का कहना है कि ऐसे में घर खर्च कैसे चलाएं। बैकुंठपुर किराना बाजार में शुक्रवार को सरसो तेल 170 से 200 एवं रिफाइन तेल 130 से 155 तक प्रति लीटर बीके रहे हैं।
बताया जा रहा है केंद्र सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को क्रूड आयल पर शून्य से बढ़ाकर 20 व खाद्य तेलों पर 12.5 से बढ़ाकर 32.5 प्रतिशत कर दिया है, जिससे थोक कारोबारियों ने सोया से लेकर पाम आयल की कीमतों में 15 से 16 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि कर दी है। कीमतों में तेजी का कोरिया जिले की थोक व खुदरा बाजार में दिखने लगा है। बाजार के जानकार बताते हैं कि त्योहारी सीजन में खाद्य तेलों की खपत को देखते हुए बड़े कारोबारी बढ़े हुए रेट से बिक्री कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। जिससे आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सीधा इसका असर लोगों की जेब पड़ेगा। आने वाले लगन व त्योहारी सीजन में फिलहाल भाव में कमी की संभावना नहीं दिख रही है।
क्या बोलीं गृहणियॉ……

कच्चा तेल महंगा मिल रहा है तो हमारे ब्रांड का फिल्टर तेल के दाम वैसे ही बढ गए। तेल के दामों को कंट्रोल करने की तत्काल जरुरत है हमारे त्योहार को सीजन में दाम बढाना सरकार लोगो पर जुल्म न करें।
गीता शुक्ला – गृहणी

लगातार बढ रही मंहगाई से पहले ही हम गृहणियो को अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा था उपर से त्योहार के ठिक पहले सब्जी और आटा के बाद सरसो व रिफाइन दोेनो तरहो के तेलो के मूल्य इतना बढाना हम पर जुल्म है।
सुजाता सिंह – गृहणी

पहले से ही महंगाई से हम परेशान है अब त्योहार के ठिक पहले महंगे खाद्य तेल ने और अन्य किराना सामनो ने कमर तोड़ दी है। पहले ही घर के खर्च, बिजली का बिल, आदि खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
रचना गुप्ता – गृहणी

खाद्य तेल जरुरी सामान में आता है। ऐसे में दाम कितने भी बढें खरीदना तो पड़ेगा ही। जिस रफ्तार से दाम बढ़ रहे हैं ऐसे में तो रसोई का बजट बिगड़ जाएगा। त्योहारो में वैसे भी डीप फ्राई के पकवान ज्यादा ही बनाने पडते हैं।
साक्षी जायसवाल – गृहणी

जो तेल सौ रुपए लीटर था अब वह दो सौ के करीब पहुंच गया है परिवार में सदस्य ज्यादा होने से तेल की खपत भी ज्यादा हो रही है। सरकार को तुरन्त तेल सहित अन्य किराना सामानो के कम करने चाहिए।
कविता यादव – गृहणी

+ There are no comments
Add yours