नेशनल लोक अदालत 27 खण्डपीठ में 5419 प्रकरणों का निराकरण, तीन करोड़ की वसूली

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बैकुंठपुर।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार इस सत्र का तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान खान के नेतृत्व में सिविल न्यायालय, बैकुंठपुर एवं मनेंद्रगढ़ हेतु 15 खण्डपीठ बनाया गया था, जिसमें न्यायालय में लंबित कुल एक हजार 698 प्रकरणों का निराकरण किया गया। तीन हजार आठ प्रकरण रखे गए थे, जिसमें से प्रकरणों का निराकरण कर दो करोड़ 79 लाख 68 हजार रुपए से अधिक की वसूली राजीनामा के माध्यम से किया गया।इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों में कलेक्टर, एसडीएम एवं तहसीलदार का खण्डपीठ गठन किया गया था। राजस्व न्यायालय बैकुंठपुर में 9 खण्डपीठ एवं एमसीबी में 19 खण्डपीठ का गठन किया गया था, जिसमें कोरिया एवं एमसीबी जिले से तीन हजार 657 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत में बैंक, विद्युत, नगरीय निकाय, टेलीफोन एवं राजस्व विभाग के कुल 6 हजार 203 प्रीलिटिगेशन प्रकरण रखे गये, जिसमें से 3 हजार 721 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार कुल 9 हजार 211 प्रकरण रखे गए, जिसमें से 5 हजार 419 प्रकरणों का निराकरण कर दो करोड़ 92 लाख 59 हजार 691 रूपये की वसूली राजीनामा के माध्यम से किया गया।

गोगरिया परिवार को मिला न्याय

विदति हो कि 09 मार्च 2023 गोगरिया परिवार के लिए दुख का पहाड़ आ गया था। जानकारी के मुताबिक रामकुमार गोगरिया करीब साढ़े सात बजे काम से अपने कार से घर लौट रहे थे, उसी दौरान अनावेदक का वाहन से तेजी व लापरवाही पूर्वक चलाकर दुर्घटना कर किया। जिसमें विधत विभाग में एई के पद पर पदस्त रामकुमार गोगरिया की मृत्यु मौके पर ही हो गयी। इनके रिजनो के द्वारा अनावेदगण के विरूद्ध मोटर दुर्घटना दावा प्रस्तुत किया गया था, जिसमें नेशनल लोक अदालत में खण्डपीठ के अधिकारी विनय कुमार प्रधान के समझाइश दिये जाने पर राजीनामा के आधार पर 95 लाख रुपए में उभयपक्षो के मध्य समझौता हुआ और खण्डपीठ अधिकारी श्री प्रधान के द्वारा बीमा कंपनी, इरगो जनरल इंश्योरेंश कम्पनी लिमिटेड बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को उक्त राशि अधिकरण के समक्ष जमा किये जाने पर मृतक की माता एवं मृतक की विधवा को 95 लाख रुपए प्रदान किये जाने का आवार्ड पारित किया और इस तरह लोक अदालत के माध्यम से मृतक के परिवार को न्याय मिला।

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