किसी भी किसान को दिक्कत हो तो सीधा उनके सम्पर्क करें-भइयालाल राजवाडे
किसानो से तय मात्रा में ही होगी धान की खरीदी……अफवाह फैलाने वालो पर होगी कार्यवाई
मुख्यमंत्री से मिलकर प्रदेश भर में फैली अफवाह पर किया बात, जिस पर सीएम ने किया घोषणा
बैकुंठपुर।
बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे के द्धारा बीती दिन बिलासपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पदश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलकर प्रदेश भर में धान खरीदी को लेकर अफवाह के सबंध में जानकारी दिया जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में किसानों से विधानसभा चुनाव में किए गए वादे के अनुसार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी तरह के भ्रम में न आएं और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
इस सबंध में श्री राजवाडे ने कहा कि धान खरीदी राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने विधानसभा पूर्व ही अपने घोषणा पत्र में किसानो और माताओ को लेकर दो बडी घोषणा किया था उन्होने कहा कि मैं खुद भी घोषणा पत्र कमेटी का मेंम्बर था इसलिए हमरी सरकार द्धारा पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी पूरी प्रतिबद्धता के साथ की जा रही है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई उपार्जन केंद्रों पर माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है, जिससे किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की नकद राशि निकाल सकते हैं। यह सुविधा उन्हें परिवहन, मजदूरी और अन्य खर्चों के लिए दी गई है।
31 जनवरी तक होगी धान खरीदी
14 नवंबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश के 27.68 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें 1.45 लाख नए किसान शामिल हैं। राज्य में 2,739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से लगभग 160 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्ती
भइयालाल राजवाडे ने बताया कि सीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर पंजीकृत किसान को धान बेचने का उचित मौका मिले। छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में सरकार के इस कदम को किसानों के साथ किए गए वादों को निभाने का प्रमाण माना जा रहा है। श्री राजवाडे ने कहा कि यदि किसी भी खरीदी केन्द्र पर कोई भी किसानो के धान 21 क्ंिवटल से कम धान खरीदने से मना करता है तो किसान सीधा उनके मोबाईल पर फोन कर उन्हे जानकारी दे उस पर तत्काल एक्शन लिया जायेगा।

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