बिसरा रिपोर्ट आने में देरी से उठे सवाल…आशंका..कहीं जहर से तो नहीं हुई तेंदुए की मौत…..बाघ की रिपोर्ट 03 दिन में, किन्तु तेन्दूए की 12 दिन बाद भी नही आई जॉच रिपोर्ट

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बिसरा रिपोर्ट आने में देरी से उठे सवाल…आशंका….कहीं जहर से तो नहीं हुई तेंदुए की मौत

अधिकारी बोले हमने रिमाईडर पत्र जाच लैब भेजा

बाघ की रिपोर्ट 03 दिन में, किन्तु तेन्दूए की 12 दिन बाद भी नही आई जॉच रिपोर्ट

बैकुंठपुर ।

गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में गत 16 नवम्बर को तेंदुआ का शव मिला सडी अवस्था में मिलने के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली लैब में जाच के लिए बिसरा को भेजा गया था किन्तु आज 12 दिन बाद भी तेन्दूए की नही आई जॉच रिपोर्ट नही आ पाई है जबकि बाघ की रिपोर्ट 03 दिनो में आ गई थी।

रिपोर्ट आने में देरी से उठे सवाल पर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के संचालक सौरव सिंह ठाकुर का कहना है कि हम इसमें कुछ नही कर सकते हैं। जब रिपोर्ट आयेगी तो हम इसके बारे में जानकारी दे सकते हैं। अधिकारी बोले कि हमने रिमाईडर पत्र जाच लैब भेजा है जब तक रिपोर्ट नही आ जाती है तब तक हम कुछ नही कह सकते हैं। यही कारण है कि जानकार एक बार फिर आशंका जता रहे हैं कि कहीं जहर से तेंदुए की मौत हुई हो। इसलिए विभाग जाच रिपोर्ट में देरी का बहाना बना रहा हो।

गौरतलब हो कि गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में तेंदुओं की बड़ी आबादी खेतों, बागों और नदी किनारे रह रही है। आए दिन तेंदुए इंसानों और पालतू जानवरों पर हमला करते हैं। आशंका जताई जा रही है कि पार्क क्षेत्र में मृत अवस्था में मिला तेंदुआ किसी इंसानी हरकत का शिकार तो नहीं हो गया। क्योंकि यहां पहले ऐसा हो चुका है।

गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में बाघों और तेंदुओं से इंसानी संघर्ष होता रहा है। इस संघर्ष में कई इंसानों को जान गंवानी पड़ी तो कई तेंदुए भी गुस्से का शिकार हो चुके हैं। पहले भी कई पशुओं को निवाला बनाने वाले और इंसानों को घायल करने वाले तेंदुए एवं बाघो को ग्रामीणों ने जहर देका मार डाला। इस दौरान कई इंसान भी तेंदुओं एवं बाघो के हमले में घायल हुए या मारे गए।

ऐसे में इस बात की भी आशंका की जा रही है कि तेंदुए के किए गए शिकार पर किसी ने जहर डाल दिया हो, जिसे खाने से उसकी मौत हो गई। ऐसी भी आशंका जताई जा रही है कि लगातार जंगल से बाहर रहने और पालतू जानवरों के संपर्क में आने से तेंदुआ किसी संक्रमण का शिकार हुआ हो। फिलहाल विसरा रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

विदित हो कि गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में नवम्बर के महिने में पहले बाघ की फिर तेंदुआ का शव मिलने से विभाग पर लगातार सवाल उठते रहें। इस दौरान तेंदुआ के शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया। गश्ती के दौरान बीट टामापहाड़, सर्किल देवसील, पार्क परिक्षेत्र कमर्जी में एक तेंदुआ की मौत की बात सामने आई।
वही पर कर्मचारियों और गोमर्डा अभ्यारण्य के डॉग स्क्वायड टीम ने घटना स्थल के आस-पास के क्षेत्र में पतासाजी किया। निरीक्षण के बाद विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीणों की उपस्थिति में तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल ने पोस्टमॉर्टम किया। परीक्षण के दौरान मृत तेंदुए के स्किन, नाखून, दांत एवं सभी अंग सुरक्षित पाए गए। मृत तेंदुए के आवश्यक सेंपल को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए प्रीजर्व किया गया। पोस्टमार्टम कर शव का दाह संस्कार किया गया।

क्या बोले अधिकारी…….

अभी हम इसमें कुछ नही कर सकते हैं। जब रिपोर्ट आयेगी तो हम इसके बारे में जानकारी दे सकते हैं। हमने रिमाईडर पत्र जाच लैब को भेजा है जब तक रिपोर्ट नही आ जाती है तब तक हम कुछ नही कह सकते हैं।

सौरव सिंह ठाकुर, संचालक, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान

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