रियल लाइफ पर रील पडी भारी…..सोसल मिडिया में सुर्खी बटोरनेे के चक्कर में गई जान……पर्यटन स्थलो की सुरक्षा पुख्ता करे जिला प्रशासन-विधायक

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कोरिया के गौरघाट जलप्रपात में डूबे युवक का शव पाचवे दिन मिला…..कोरबा की रेस्क्यू टीम को मिली कामयाबी

बैकुंठपुर।

सोसल मिडिया पर कमेंट और लाइक बटोरने की हनक ने एक बार फिर एक परिवार के चिराग को बुझा दिया। गत बुद्धवार को गौरघाट जलप्रपात पर पिकनिक मनाने गया युवक डूब गया। इस दौरान जलप्रपात से छलांग लगाने का एक विडियो सोसल मिडिया में जमकर वायरल भी हुआ जिसे मृतक युवक को जलप्रपात के उपरी हिस्से से नीचे छलांग लगाते हुए बताया गया।

घटना के बाद बाद से कोरिया, सूरजपुर और अंबिकापुर जिलों की रेस्क्यू टीमों ने अपने अपने गोताखोरों और पुलिस बल के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया। जलप्रपात के गहरे हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाना किन्तु सभी नाकाम रहे। जिसके बाद शनिवार को कोरबा से रेस्क्यू टीम बुलाया गया। जहा रविवार को 4 घण्टे की बाद केमरे से लैस रेसक्यू टीम ने अतंतः युवक का शव बरामद करने में सफलता प्राप्त किया।

घटना के सबंध में मिली जानकारी के अनुसार एमसीबी जिले के खड़गांव ब्लॉक के दूबछोला पंचायत से 06 दोस्त पिकनिक मनाने गौरघाट जलप्रपता गया था। दोपहर के वक्त नहाने के दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन वो असफल रहे। युवक की डूबने की खबर चरचा पुलिस को मिली जिसके बाद नगर सैनिकों ने युवक की तलाश शुरु की। नगर सेना और बाढ़ बचाव की टीम ने घंटों युवक को खोजा लेकिन उसका कोई अता पता नहीं चला।

रात होने पर खोजी टीम ने इमरजेंसी और फायर सर्विसेज को घटना की जानकारी दी। गुरुवार शुक्रवार और शनिवार को एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया गया। सभी टीमो के असफल रहने के बाद प्रशासन ने कोरबा से रेस्क्यू टीम बुलाने का निर्णय शनिवार को लिया तब रविवार को कोरबा की टीम ने लापता युवक की शव को जलप्रपात के गहरे पानी से निकालने में सफलता प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि युवक जलप्रपात में नीचे कही पत्थरो के बीच फस गया था।

बीते वर्षो में पिकनिक मनाने के दौरान हुए हादसे में अब तीन लोगो की मौत हो चुकी । जिसमें वर्ष 2025 में 15 जनवरी को दुबछोला के 22 वर्षीय युवक की मौत के बाद पाच दिन लग गया। पहले भी जनवरी 2024 सूरजपुर से आए युवक की डूबने से मौत हुई थी। जिसे रेसक्यू करने में टीमो को 01 दिन लग गया था। जबकि जनवरी 2021 में पटना के एक युवक का शव तीन दिन बाद पत्थरों के बीच फंसा मिला था। तीनो रेस्क्यू में लगने वाले समय से एक बात तो साफ हो गई है कि हमारे संभाग में प्राकृति से परिपूर्ण स्थान तो है किन्तु उनमें सुरक्षा के प्रबंध में कमियो के कारण लोगो पर अंकुश नही रहता है जिस कारण लोग एडवेंचर करने के चक्कर में जान जोखिम में डाल रहे हैं जिससे जिले की यह सुबसूरत स्थान की बदनामी हो रही है। बेहतर होगा की हो रही घटनाओ को सबक के तौर पर लें जिला प्रशासन कमियो को तत्काल पूख्ता कर पिकनिक का स्थान बनाये नकी मौत का।

बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे जिला प्रशासन को कहा है कि बार बार हो रहे हादसो से सबक लेते हुए कमियो को तत्काल दूरुस्त करें। उन्होने कहा कि पर्यटन को बढावा मिले किन्तु उसकी किमत जान न हो, इस बात का पूरा ध्यान रखना होगा। वही पर चेतावनी बोर्ड जरुर लगाना चाहिए जिससे लोग सतर्क रहे। गौरघाट जलप्रपात की गिनती छत्तीसगढ़ के बेस्ट टूरिस्ट स्थानो में होती है। सालो भरयहां पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ जुटती है। इसलिए पुलिस और प्रशासन को एक साथ बैठकर जिले भर के सभी टूरिस्ट स्पाटो पर सुरक्षा की व्यवस्था किया जाना चाहिए। गौरतलब हो कि स्थानीय प्रशासन ने भी लोगो से अपनी अपील में कहा है कि गौरघाट जलप्रपात वाले इलाके में सतर्कता बरतने और गहरे पानी में न जाने पर्यटकों

युवाओ में रील बनाने का शौक असल जिंदगी में भी असर दिखा रहा है। लाइक और कमेंट के लिए युवा अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में आजकल बच्चों से लेकर नौजवानों और यहां तक की मैच्योर उम्र के लोगों में भी रील्स का क्रेज़ बढ़ता जा रहा है। कुछ लोगों में तो ये सनक इस हद तक हावी है कि रील बनाने के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं। हालत ये है कि रील्स बनाने के चक्कर में कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
सड़कों से गुजरते, पार्कों में, मॉल में, मंदिर में सार्वजनिक जगहों पर आजकल जहां देखो रील बन रही हैं, लोग वीडियो बना रहे हैं। रील बनाने वाले खुद तो बेसुध होकर जो कर रहे हैं सो कर रहें हैं आस-पास किसी की प्राइवेसी या किसी की सहूलियत का ख्याल भी अब किसी को नहीं है। दस साल के बच्चों से लेकर 20-25 साल की यंग जनरेशन रील बनाने में लगी है जिसमें मनोरंजन से ज्यादा फेमस हो जाने की ललक है और उसके लिए वो किसी भी हद तक जा रहे हैं किसी भी हद तक का मतलब मौत की हद तक भी है। जो परिवारो की खुशिया खत्म कर रही हैं।

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