जनता को लुभाने में पार्टीयो के छूट रहे पसीने, अब बाजी बडे नेताओ के हाथो

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बैकुंठपुर।

कोरिया जिले के नगरीय निकाय क्षेत्र में चुनावी प्रचार-प्रसार तेज गति से चल रहा है। जिले के एक मात्र नगर पंचायत पटना में प्रत्याशी ठंड में अपना पसीना बहा रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक प्रचार-प्रसार चल रहा है। सभी प्रत्याशी अपनी बात जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रमुख मुकाबले की बात करें तो भाजपा व कांग्रेस के बीच ही माना जा रहा है। जिसे लेकर भाजपा की ओर से बड़े नेताओं ने मोर्चा संभाला है। जबकि पटना के अपना आधार रखने वाली कांग्रेस के लिए भी पटना नगर पंचायत चुनाव नाक का विषय बन गया है।

कोरिया जिले के पटना नगर पंचायत चुनाव में मंत्री राम विचार नेताम का पहुॅचना ही चुनाव की गंभीरता बता रहा है जबकि बैकुंठपुर विधायक भइयालाल राजवाडे ने भी चुनाव में मोर्चा संभाला रखा है। उनके द्धारा अपनी ताकत भाजपा के प्रत्याशियों को जितने के लिए लगा रखा हैं। प्रत्याशी भी अपनी ओर से हर संभव मदद कर रहे हैं। भाजपा ने पटना नगर पंचायत बनने के बाद बाहरी प्रत्याशी पर अपना दाव लगा रखा है।

रनई ग्राम पंचायत में एक बार फिर से निर्विरोध चुनाव सपन्न कराने के बाद कांग्रेस की ओर से पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला ने पटना नगर पंचायत चुनाव में उन्होंने सभा लेकर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने एडी चोटी का जोर लगा दिया है। लोगों के बीच कांग्रेस अपने पांच साल के कार्यकाल को रख रहे हैं तो भाजपा बीते एक साल के राज्य सरकार के कार्यकाल को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।

प्रत्याशी भी अपनी ओर से जनता के बीच पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। कई प्रत्याशी तो कुछ बोलने से पहले सीधे मतदाताओं के बीच जाकर सीधे उनके पैर पकड़ रहे हैं। हर प्रयास जनता को अपनी ओर करने के लिए प्रत्याशी, पार्टी के नेता कर रहे हैं। नगर की जनता किसके वादे व इरादे से प्रभावित होकर 11 फरवरी को वोट देती है, जिसका परिणाण 15 फरवरी को आएगा।

चुनाव की बात करें तो अब पूर्व की तरह कार्यकर्ता एकत्रित नहीं होते। ऐसे में राजनीति पार्टी को किराए पर लोगों को लाना पड़ रहा है मुख्य रुप से महिलाओं की भीड़। शहर में प्रत्याशी और कुछ पार्टी कार्यकर्ता के अलावा पीछे झंडा लिए जो महिलाओं की भीड़ दिखाई देती है उन्हें प्रचार-प्रसार के लिए 200-200 रुपए दिए जा रहे हैं। एक तरह महिलाओं को घर बैठे ही कुछ दिनों के लिए रोजगार उपलब्ध हो गया है। राजनीतिक दल के प्रत्याशी हो या निर्दलीय प्रत्याशी बैनर, पोस्टर, ऑटो, रिक्शा, पैदल, वॉल राइटिंग, डोर टू डोर कार्यकर्ताओं के साथ प्रत्याशी संपर्क कर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। लेकिन प्रचार प्रसार में सोशल मीडिया का भी जमकर उपयोग किया जा रहा है।

चाहे वो फेसबुक हो, वॉट्सएप हो या अन्य सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म में आडियो, वीडियो, ग्राफिक्स के माध्यम से प्रचार कर रहे हैं। यहां तक कि वार्ड, नगर के लोगों के नंबर लेकर मोबाइल से कॉल किया जा रहा है। प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने टीम बनाई गई है, जो अपना काम सोशल मीडिया के माध्यम से कार्य कर, उसका पूरा उपयोग कर रहे हैं। वहीं पार्षदों के जरिए अधिक खर्च किया जा रहा है क्योंकि अध्यक्ष पद के लिए खर्च की सीमा निर्धारित है पार्षद के लिए नहीं।

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