बैकुंठपुर में सर्पदंश से दो सगे भाइयों की मौत…..परिजनों में मचा कोहराम….विधायक ने बच्चे को शव को घर पहुॅचाने का किया प्रबन्ध

Estimated read time 0 min read

बैकुंठपुर।

छत्तीसगढ के कोरिया जिले के छिंदिया गांव में जहरीले सांप के काटने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई है। दोनों मासूम की पहचान छिंदिया गांव निवासी प्रताप राजवाडे के पुत्र सूर्यभान राजवाडे (14) और मानो राजवाडे (09) के रूप में हुई है।
घटना के संबध में परिजनो और पडोसीयो का अनुमान है कि गुरुवार की रात 10 बजे दोनों भाई अपनी मॉ के साथ पडोस में विवाह कार्यक्रम में भोज पर गये थे कि इस दौरान घर वापस आने में मॉ आगे निकल गई और दोनो भाई पीछे रह गये कि इस दौरान रास्ते में मोटर सायकल से एक करैत सांप के कुचलने के कराण जीवित अवस्था में था कि दोनो भाई झुक कर सांप को देखने लगे। कि इसी दौरान जख्मी सांप ने दोनो को डस लिया।

जिसके बाद दोनो भाई घर पर आकर सो गये। रात 12 बजे के आस पास दोनो भाईयो के पेट में तेज दर्द की शिकायत की। जिस पर मॉ ने दोनो को नींबू पानी दिया । बच्चो की हालत धीरे धीरे बिगडने लगी। तब कही जाकर दोनो को भाईयो को सुबह 4 बजे के आसपास जिला अस्पताल बैकुंठपुर लाया गया। जहा डॉक्टरो को माू ने बताया कि रात वैवाहिक कार्यक्रम में खाने से तबियत खराब हुई है। इस दौरान छोटे भाई की मौत हो गई जबकि स्थिति को देखते हुए बडे भाई को अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज रिफर कर दिया गया। जहा पर बडे भाई की भी मौत हो गई।

बडे भाई सांप काटने की पुष्टि

जिला अस्पताल बैकुंठपुर में छोटे भाई का पीएम किया गया जहा डाक्टरो ने बच्चे को सांप काटने की पुष्टि नही की है डाक्टरो ने बताया कि संभावना हो सकती है कि साप ने काटा हो । जिसके ठोस प्रमाण नही पाये गये है इसलिए इसकी जाच के लिए बिसरा कलेक्ट करा जाच के भेजा गया है। जिसकी जानकारी 15 दिन बाद बिसरा रिपोर्ट आने की बात की जायेगी। हालांकि छोटे भाई के पैर की उंगली में काटे के अस्पष्ट से निशास है। परिजनो ने बताया कि बडे भाई की सांप काटने से पुष्टि अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में हो गई है।

साप से अनावश्यक छेडछाड बनी वजह

दोनों भाइयों के मौत के संबंध में ग्राम वासियों का कहना है कि रात में वैवाहिक कार्यक्रम से लौटते समय दोनों बच्चों को सड़क पर घायल अवस्था में सांप के पास बैठे हुए देखा गया। यही कारण है कि लोगों ने अनुमान लगाया कि बैठने की वजह से सांप ने बड़े भाई को जांघ एवं छोटे भाई को पैर की उंगली में डस लिया। जिस कारण दोनो भाईयो की मौत हुई।

समय पर मलता ईलाज तो बच जाती जान

माना जा रहा है कि यदि बच्चो ने अपनी मा को सही जानकारी दी होती ते दोनो आज जीवीत होते। डाक्टरो का कहना है कि करैत सांप के काटने के कुछ ही घंटों में मौत हो सकती है। कुछ मामलों में, मौत 45 मिनट के अंदर हो सकती है। करैत सांप के जहर में न्यूरोटॉक्सिन होते हैं जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं और शरीर के अंगों को लकवा मार देते हैं, जिससे श्वसन तंत्र और हृदय कार्य करना बंद कर देते हैं। सांप के काटने के बाद होने वाली मृत्यु का समय विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। जितना ज्यादा जहर शरीर में प्रवेश करेगा, मृत्यु का समय उतना ही जल्दी होगा। अगर सांप ने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे हृदय या फेफड़ों के पास काटा है, तो मृत्यु जल्दी हो सकती है।

विधायक ने जताया दुख

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours