बैकुंठपुर जिला अस्पताल में आई आरएल की 3 हजार बोतलो में 99 प्रतिशत भेजा गया वापस
डेक्सट्रोज विद सोडियम क्लोराइड इंजेक्शन और सेफ्ट्रिएक्सों पाउडर फॉर इंजेक्शन मानक स्तर के नहीं होने से कई मरिजो में देखे गए दवा के साईड इफेक्ट
बैकुंठपुर।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था गलत कारणो से एक बार फिर चर्चा में है। सीजीएमएससी ने राज्य भर में वितरित की जा रही कुछ दवाओं और चिकित्सा सामग्री पर रोक लगा दिया जिसके बाद कोरिया जिले के जिला अस्पताल बैकुंठपुर से भी आदेश के तत्काल बाद 03 हजार सलाइन की बोतले वापस भेजी गई। मिली जानकारी के अनुसार इसमें दो तरह के इंजेक्शन और चार तरह के सर्जिकल ग्लव्स की आपूर्ति और उपयोग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

विदित हो कि कुछ दिन पूर्व हुए जांच में पता चला कि डेक्सट्रोज विद सोडियम क्लोराइड इंजेक्शन और सेफ्ट्रिएक्सों पाउडर फॉर इंजेक्शन मानक स्तर के नहीं थे, जिससे मरीजों को खतरा हो सकता है। जिसका उदाहरण पडोसी जिले एमसीबी में देखने को लि चुका है जहा पर मरिजो को इसके दूषप्रभाव का खमियाजा भुगतना पडा।
बताया जा रहा है विभिन्न आकारों के सर्जिकल ग्लव्स की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन पर भी रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से पूरे राज्य के अस्पतालों में हड़कंप मच गया था। बताया गया कि सरकार ने यह निर्णय मरीजों की सुरक्षा के लिए लिया है। इसमें शामिल आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
पडोसी जिले में देखी गई परेशानी
गौरतलब हो कि गत दिवस मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में सलाइन ड्रिप लगाने के बाद 07 मरीजों की हालत बिगड़ गई। मरीज पेट में दर्द, बुखार और दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। जिन्हें इलाज के लिए भर्ती किया गया था। लेकिन, आईवी फ्लुड-आरएल और आईवी फ्लुड-डीएनएस चढ़ाए जाने के दौरान मरीजों को कंपकपी होने लगी।
हमने 99 प्रतिशत से अधिक आर किया वापस
बैकुंठपुर जिला अस्पताल के जिला अधिक्षक डॉ. आयुष जायसवाल ने बताा कि 27 जुलाई से 07 अगस्त तक हमारे यहा आरएल के कुछ सालाइनो को इस्तेमाल किया था जिसमें कुछ मरिजो में परेशानी भी देखी गई थी जिसमें सलाइन लगाने से मरीजों ने हल्की कंपकपी की शिकायत भी देखी गई। जिसके बाद इसका उपयोग बंद कर दिया गया था उन्होने बताया कि 9 अगस्त को बैकुंठपुर में आई 3000 बोतलो में 99 प्रतिशत वापस भेज दिया गया।

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