बैकुंठपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने आम लोगो को राखी बांध मनाया रक्षा उत्सव
स्वयंसेवकों ने भगवा ध्वज को बांधी राखी, राष्ट्र रक्षा का लिया संकल्प….बैकुंठपुर, पटना और आमगॉव में हुआ आयोजन
बैकुंठपुर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रेवा यादव ने बताया कि स्वयंसेवक रक्षा बंधन पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प का संदेश देता है। प्राचीन काल में यह पर्व रक्षा सूत्र के रूप में जाना जाता था। इस दौरान बैकुंठपुर के सभी वार्डो में स्वयं सेवको ने आम लोगो के घर-घर पहुॅच उन्हे राखी बांधा।

स्वयं सेवको का कहना है कि गुरुकुल में आचार्य अपने शिष्यों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते थे। जिससे वह धर्म, सत्य और राष्ट्र की रक्षा करने का व्रत लेते थे। इस दिन शाखा पर स्वयंसेवक एक-दूसरे को राखी बांधते हैं और एक-दूसरे की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग का संकल्प लेते हैं। संघ इस पर्व को अवसर बनाकर समाज में जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद मिटाकर सभी को एक परिवार के रूप में जोड़ने का कार्य करता है।

बैकुंठपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आयोजन में गत दिवस को रक्षा बंधन उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर एकत्रित स्वयंसेवकों ने हर्षाेल्लास और धूमधाम के साथ पर्व का आनंद लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रेवा यादव ने कहा कि भारत वर्ष उत्सवों का देश है। उन्होंने बताया कि संघ ने छह प्रमुख उत्सवों को मनाने का निर्णय लिया है। इनमें रक्षाबंधन एक महत्वपूर्ण उत्सव है जो राष्ट्र रक्षा का संकल्प दिलाता है।
श्री यादव ने स्पष्ट किया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का ही उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र व समाज की रक्षा का संकल्प है। संघ के स्वयंसेवक इस दिन परम पवित्र भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विशाल हिंदू समाज को जागृत करने के लिए रक्षाबंधन जैसे उत्सव को प्रतिवर्ष मनाता है।
उन्होंने आगे कहा कि रक्षा सूत्र में बंधकर एक-दूसरे को रक्षा का वचन देते हुए एक विशाल सुदृढ़ समाज का संगठन बनाना चाहिए। इससे विधर्मी शक्तियां पराजित होंगी। समाज में समरसता का भाव रखना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रारंभ से उद्देश्य है कि संपूर्ण समाज एकरस हो।

+ There are no comments
Add yours