पूजा की तैयारिया जोरो पर…..पंडालों में भव्य स्वरूप में विराजेंगी दूर्गा प्रतिमाए…….नवरात्र 9 के बजाय 10 दिन की

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बैकुंठपुर।

बैकुंठपुर, चरचा, पटना सहित आसपास क्षेत्र में मां अपने विराट स्वरूप में पंडालों में विराजेंगी। इस वर्ष पूरे हर्षाेल्लास के साथ दुर्गा पूजा मनाने की तैयारी चल रही है। इस बार दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मूर्तियां बनाई जा रही हैं। पूजा पंडालों में विराट स्वरूप में मां विराजेंगी। दूर्गा पूजा समितियो ने पहले ही मूर्तियों का आर्डर दे दिया है। बताया जा रहा है कि कम दाम की मूर्तियों की मांग ज्यादा है। इस बार मिट्टी, रस्सी, श्रृंगार के सामान, बांस व मजदूरी में काफी वृद्धि हो गई है। बावजूद इसके मूर्तिकारों ने मूर्तियों का दाम नहीं बढ़ाया है, ताकि लोगों के उत्सव में कमी न आए। ऐसी भी मूर्तियां इस बार बनाई जा रही हैं, जिसमें आभूषण, परिधान सब मिट्टी का है। प्रतिमाओं को सजाने के लिए बाजार से श्रृंगार के सामान नहीं लाने होंगे।

निर्माण सामग्री की कीमत में बेतहाशा वृद्धि

मूर्तिकारो का कहना है कि दिन-प्रतिदिन परिस्थितियां प्रतिकूल होती जा रही हैं। बांस की कीमत दो सौ थी, इस साल 250 से 300 रुपये में मिल रहा है। दो हजार रुपये प्रति ट्राली मिट्टी मिल जाती है पैरा मिल नहीं रहा है। सारे निर्माण सामग्री मंहगे दामो पर मिलने के कारण मूर्तियो के दाम भी मंहगे हो गये हैं। निर्माण सामग्री का दाम बढ़ जाने से मूर्तियों की लागत बढ़ गई है। लेकिन लोग पहले के दाम पर मूर्तियां मांग रहे हैं। आभूषण, परिधान सभी मिट्टी का बनाने से मूर्तियों का खर्च बढ़ जाता है। पिछले दो साल पांच-पांच फीट की मूर्तियां स्थापित की गई थीं। कोविड प्रोटोकाल के साथ उत्सव मनाया गया था। इस साल धूमधाम से मनाने की तैयारी है। बडी मूर्ति स्थापित किये जाने की तैयारी चल रही है।

दुर्गा पंडालों में भी तैयारी शुरू

ज्यादातर दुर्गा पूजा समितियों ने पंडाल और मूर्ति स्थापना की तैयारियां शुरू कर दी हैं। माता रानी की मूर्तियों को कलाकार तैयार कर रहे हैं। खरवत दूर्गा पूजा समिति के गणेश राजवाडे ने बताया कि 22 सितम्बर से दुर्गा पूजा शुरू की जाएगी। बीते दिनो में लगातार तेज बारिश के कारण इस बार तैयारियो में खासी परेशानी हो रही है।

शारदीय नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करने के साथ जौ बोए जाते हैं। दुर्गा पूजा के लिए कलश स्थापना 22 सितंबर सोमवार को की जाएगी, जो शारदीय नवरात्रि का पहला दिन होगा. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 9 मिनट से 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही, विजयादशमी 2 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जिससे 10 दिनों की यह नवरात्रि समाप्त होगी। 22 सितंबर को प्रतिपदा से नवरात्र की शुरुआत होगी और एक अक्टूबर, बुधवार को महा नवमी के साथ इसका समापन होगा। इसके अगले दिन, 2 अक्टूबर गुरुवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस बार श्राद्ध पक्ष में एक तिथि लुप्त हो रही है और चतुर्थी तिथि दो दिन रहने से नवरात्र 9 के बजाय 10 दिन की होगी। जानकारो के अनुसार, तिथि की यह वृद्धि अत्यंत शुभ मानी जाती है

शारदीय नवरात्रि 2025

नवरात्रि का पहला दिन- मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि का दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
नवरात्रि का तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा की पूजा
नवरात्रि का चौथा दिन- मां कूष्मांडा की पूजा
नवरात्रि का पांचवां दिन- मां स्कंदमाता की पूजा
नवरात्रि का छठा दिन- मां कात्यायनी की पूजा
नवरात्रि का सातवां दिन- मां कालरात्रि की पूजा
नवरात्रि का आठवां दिन- मां सिद्धिदात्री की पूजा
नवरात्रि का नौवां दिन- मां महागौरी की पूजा
विजयदशमी 02 अक्तूबर व दुर्गा विसर्जन।

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