कोरिया में धान खरीदी पर संकट, हड़ताली समिति 01 कर्मचारी बर्खास्त, अब तक 06 पर एफआईआर दर्ज
बैकुंठपुर ।
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से प्रारंभ हुई धान खरीदी पर संकट हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने पहले एस्मा लगाया था। अब कोरिया जिले में धान खरीदी व्यवस्था को निरंतर प्रभावित कर रहे सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल पर प्रशासन ने बेहद सख्त रूख अपना लिया है। अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 01 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है, वहीं पर सोमवारको 04 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। हड़ताल के चलते धान खरीदी कार्य में आ रही बाधाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी जैसे अत्यावश्यक कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में सहकारिता विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की पहल की गई है। सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, कोरिया द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन प्रस्तुत कर आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों के विरुद्ध आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
राज्य शासन द्वारा धान खरीदी कार्य को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है। इसके बावजूद जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के समिति प्रबंधकों ने 15 नवम्बर से प्रारंभ धान खरीदी कार्य में जानबूझकर अनुपस्थित रहकर कार्य में बाधा उत्पन्न की है। आरोप है कि इन प्रबंधकों ने स्वयं ड्यूटी नहीं की और अन्य कर्मचारियों को भी ड्यूटी में उपस्थित होने से रोका।
एक समिति प्रबंधक की सेवा हुई समाप्त
जिला खाद्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार जिस सूची में कार्रवाई की गई है, उसमें कई कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड धौराटिकरा के सहायक समिति प्रबंधक अजय साहू को सेवा से बर्खास्त किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इसने धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बाधित किया, जिससे किसानों को संकट की स्थिति का सामना करना पड़ा। कोरिया कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी एक संवेदनशील प्रक्रिया है और इसमें किसी भी तरह की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की सुविधा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए ऐसे कर्मचारियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने इन कर्मचारियों पर किसानों को जानबूझकर परेशानी में डालने और कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया है।
06 प्रबंधको पर एफआईआर दर्ज कराया
रामकुमार साहू सहायक समिति प्रबंधक, बालाजी रेड्डी सहायक समिति प्रबंधक सालबा, राम यादव सहायक समिति प्रबंधक झरनापारा, अमरनाथ साहू समिति प्रबंधक बैमा, संजय सिंह सहायक समिति प्रबंधक चिरमी व रवि कुमार साहू सहायक समिति प्रबंधक सरभोका का नाम सामने आ रहा है जबकि इस सबंध में कोरिया जिले के सहायक आयुक्त सहकारिता आयुष प्रताप सिंह द्वारा प्रस्तुत आवेदन में उल्लेख है कि इस तरह का व्यवहार शासन के आदेशों का गंभीर उल्लंघन है तथा धान खरीदी जैसी राज्यव्यापी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को प्रभावित करता है। आवेदन में शासन के गृह विभाग के 14 नवम्बर 2025 के आदेश का भी हवाला दिया गया है, जिसमें धान खरीदी अवधि के दौरान सभी जिम्मेदार कर्मचारियों को हर स्थिति में कार्य पर उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। इस मामले में पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
एस्मा उल्लंघन पर प्रशासन हुआ सख्त
एस्मा लगने के बाद भी कर्मचारी काम में नहीं लौट रहे हैं, इसलिए अब विभाग सख्ती कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर बैकुंठपुर, पटना में एफआईआर कराई जा चुकी है जबकि चरचा और सोनहत में कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने विभाग के अधिकारी निकल चुके हैं। सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी जैसे सार्वजनिक हित के महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा को गंभीरता से लिया जाएगा। कोरिया में सहकारी बैंक कर्मियों की हड़ताल के बीच शासन ने एस्मा कानून लागू कर अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को धान खरीदी केंद्रों में ड्यूटी पर लगाया है। कलेक्टर की ओर से जारी आदेश के बावजूद ड्यूटी से इनकार करने वाले कर्मियों के खिलाफ एस्मा 1979 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
जिले में अब तक क्विंटल धान की खरीदी
जिले़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो गई है। पूरे जिले में 21 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी पहले दिन मात्र कुछ ही उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी हुई। मिली जानकारी के अनुसार इन केंद्रों के माध्यम से अब तक जिले में क्विंटल धान खरीदा गया है। इस आंकड़े के सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने कलेक्टरों को सख्ती करने के निर्देश दिए है। निर्देश मिलने के बाद अब कलेक्टरों ने सख्ती करना शुरू कर दी है।
17 टोकनों से 727.68 क्विंटल धान का हुआ उपार्जन
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु की जा रही जिलास्तरीय व्यवस्था के तहत सोमवार को कोरिया जिले के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में टोकन आधारित धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की गई। जिले के 9 उपार्जन केन्द्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 17 टोकन जारी किए गए, जिनके माध्यम से 727.68 क्विंटल धान की खरीदी की गई। समिति द्वारा 4 टोकन जबकि तुंहर टोकन ऐप से 13 टोकन जारी हुए। अधिकांश किसान ऐप आधारित टोकन लेकर धान विक्रय हेतु पहुंचे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा बनी रही। गिरजापुर, 4 टोकन, 219.60 क्विंटल, छिन्दडांड, 1 टोकन, 28.80 क्विंटल, तरगंवा, 2 टोकन, 70.40 क्विंटल, धौराटिकरा, 1 टोकन, 16.00 क्विंटल, पटना, 2 टोकन, 85.20 क्विंटल, पोंडी, 2 टोकन, 157.60 क्विंटल, सरभोंका, 1 टोकन, 24 क्विंटल, सलबा, 2 टोकन, 26.40 क्विंटल तथा सोनहत 2 टोकन, 99.68 क्विंटल। इस तरह समिति द्वारा 4 टोकन व तुंहर टोकन ऐप द्वारा 13 कुल 17 टोकन जारी हुआ था, जिसके तहत 727.68 क्विंटल धान ख़रीदी की गई। जिला प्रशासन द्वारा सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिसमें तौल व्यवस्था, परिवहन, सुरक्षा तथा किसानों के लिए पेयजल एवं प्रतीक्षा स्थल शामिल हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वे धान विक्रय हेतु तुंहर टोकन एप का अधिकतम उपयोग करें, जिससे भीड़ प्रबंधन एवं समयबद्ध खरीदी सुनिश्चित हो सके।

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