नाराज किसान बोले बड़ी मेहनत से फसल उगाते हैं लेकिन सरकार खरिदने में कर रही आनाकानी
बैकुंठपुर।
किसानों ने कोरिया कलेक्टर को पत्र सौपकर अपना रोष प्रकट किया है। किसानों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। जिसके बाद वो प्रदर्शन के लिए बाध्य होगें। नाराज किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंपा है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वो उग्र आंदोलन करेंगे। किसान गणेश राजवाडे ने कहा, हम बड़ी मेहनत से फसल उगाते हैं लेकिन सरकार उनकी फसलों को सरकार खरिदने में आनाकानी कर रही है। धान की पैदावार कोरिया में खूब होती है बावजूद इसके शासन किसानों को धान की खरीदी करने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। आने वाले बेचने को विवश होना पडेगा। किसानों का कहना है कि किसानों ने महंगे बीच और खाद से फसल उगाई लेकिन अब लागत निकलना भी मुश्किल हो रहा है किसानों का कहना है कि वो अपने हक के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।
धान का रकबा कटने, टोकन और सर्वर में सुधार की मांग
पत्र में किसानो ने कहा है कि हम कृषकगण अपना उपज का धान छिंदडाड़ सहकारी समिति मे पूर्व वर्षों से ही बेचते आ रहे है परंतु इस वर्ष धान बेचने में भारी कठिनाई हो रही है हम लोगो द्वारा सहकारी समिति से खाद बीज एवं नगद राशि ऋण लेकर कृषि कार्य किया जाता है ऐसी स्थिति मे हम लोगों को अपना ऋण पटाना भी मुशकिल होगा। धान खरीदी लिमिट छिंदडाड़ सहकारी समिति में 900 क्विंटल निर्धारित किया गया है जिसे पूर्व वर्षों की भांति 2500 से 3000 प्रति दिन किया जाये। नया पंजीयन व संसोधन का विकल्प अभी भी समिति स्तर मे विलोपित दिख रहा है इसके संबंध में 04/12/2025 से 15/12/25 तक कार्य होना शासन द्वारा सुनिश्चत था परंतु आज तक कोई सुधार नहीं हुआ है। रकबा सुधरवाने मे भी राजस्व भूमि मे भारी परेशानी हो रही है तथा टोकन एवं सर्वर के नही चलने से भी हम कृषकगण बहुत अधिक परेशान है।

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