शिष्टाचार भी भूले कांग्रेसी……अनदेखी से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुखी……कददावर रहे नदारद…..भूपेश बघेल के पोस्ट में सिर्फ वेदांति तिवारी ही आये नजर

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कददावर रहे नदारद…..भूपेश बघेल के पोस्ट में सिर्फ वेदांति तिवारी ही आये नजर

बैकुंठपुर।

पूर्व सीएम व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भूपेश बघेल के बैकुंठपुर प्रवास को लेकर समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। यही कारण है कि कई जगहों पर उनका भव्य स्वागत किया गया। स्वागत सत्कार दौरान पूर्व सीएम रुके। समर्थकों व कार्यकर्ताओं से चर्चा की, उनकी सुनी और फिर आगे बढ़े। देर शाम बैकुंठपुर पहुंचने से पहले ही उनके समर्थकों की सरगर्मी देखने लायक रही। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सत्ता से विदाई के बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को सरगुजा संभाग के दौरे से लौटने के दौरान कुडेली होते बैकुंठपुर पहुंचे। जहा उनका स्वागत कुमार चौक पर किया गया जहा उन्होने पहले वित्तमंत्री रामचन्द्र सिंह देव की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।

कुमार चौक पर गुटबाजी आई सामने

यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा था, लेकिन अंबिकापुर के बाद बैकुंठपुर पहुंचते ही कांग्रेस की अंदरूनी खींचतानी और गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। सड़क मार्ग से कोरिया के कुडेली पहुॅचे जहा वो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता वेदांति तिवारी के घर पहुॅचे जहा उनका स्वागत किया । भूपेश बघेल 15 मिनट उनके घर पर थे जिसके बाद वो बैकुंठपुर के कुमार चौक पहुॅचे। जहा भूपेश बघेल के स्वागत में कांग्रेस संगठन का एक बड़ा वर्ग नदारद दिखाई दिया या फिर सामने यह भी कहा जा सकता है कि वो सामने आने से कतराते नजर आये।

गुटबाजी के कारण की गई अनदेखी

बैकुंठपुर में भी टीएस, महंत और बघेल के गुट के समर्थक आपस में मतभेद ही मनभेद भी रखते है, यह तो साफ हो गया। भूपेश बघेल के स्वागत के लिए सिंहदेव व महंत से जुडे कांग्रेसी न के बराबर दिखे। यही स्थिति अम्बिकापुर के बाद बैकुंठपुर में भी देखने को मिली। जिला कांग्रेस कमेटी के साथ-साथ शहर और ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में भी दोनो के समर्थक पदों पर काबिज हैं, यही कारण माना जा रहा है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को उनके ही पार्टी के कार्यकर्ताओ की अनदेखी का सामना करना पडा।

कांग्रेसियो के शिष्टाचार से पूर्व मुख्यमंत्री दुखी

गुटो को पार्टी से उपर रखने वाले कांग्रेसी यह भी भूल गये। कि भूपेश कोई सडक छाप नेता नही है वो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। एैसे में यह उम्मीद की जा रही थी कि दोनो गुटो के समर्थक पार्टी को प्रथम रखेगे। कम से कम शिष्टाचार के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री के स्वागत में शामिल होंगे। लेकिन ऐसा न होना कांग्रेसियो ने पताली गहरी गुटबाजी को दर्शा रहा है।

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