सर्वाइकल कैंसर से बचाव……जिले में वैक्सीन की शुरुआत
जिला अस्पताल में गर्भाशय कैंसर से बचाव की वैक्सीन गाने की हुई शुरुआत, सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 से दोप. 2 बजे तक होगी टिकाकरण
बैुंठपुर।
प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 साल तक की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने की शुरुआत कोरिया जिले के जिला अस्पताल बैकुंठपुर में गई है। वैक्सीन चयनित अस्पतालों में लगाई जाएगी। यह अभियान तीन माह चलेगा। जिला अस्पताल अधिक्षक डॉ. आयुष जायसवाल के मुताबिक 14 वर्ष की आयु पूर्ण करने और 16 वर्ष में प्रवेश करने से पहले तक (15 वां वर्ष रनिंग) की हर बच्ची इस वैक्सीन के लिए पात्र होगी। कहा कि भविष्य में गर्भाशय के कैंसर से बचाव के लिए अभिभावकों को अपनी बच्चियों को यह वैक्सीन लगाना होगा। बताया कि अभी वैक्सीन सरकारी स्तर पर सिर्फ जिला अस्पताल में लगाई जाएगी। स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन व लगाया जाने की सुविधा मुफ्त रहेगी। किसी को कोई शुल्क नहीं देना होगा।
डाक्टरो की माने तो एचपीवी वैक्सीन की सिंगल डोज (0.5 मिली) दी जाएगी। यह अभियान मेडिकल अफसर पदस्थ वाले अस्पतालों में चलेगा। वैक्सीन बायीं ऊपरी बांह में लगाई जाएगी। यह टीका गर्भावस्था अथवा खाली पेट में नहीं लगाया जाता है। टीकाकरण के बाद तर्जनी अंगुली में मार्किंग की जाएगी। टीकाकरण से पहले पालकों से सहमति ली जाएगी। यह अभियान नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से अलग संचालित किया जाएगा, जिसके लिए पृथक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
वैक्सीन लगाने के बाद हितग्राहियों को आधे घंटे तक अस्पतालों में रुकना होगा। इसके पश्चात उन्हें टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा। कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्वास्थ्य समेत दूसरे विभाग के अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर वैक्सीन प्रोग्राम को सफल बनाने को कहा है।
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के ज्यादा केस-डॉ. आयुष जायसवाल
प्रदेश की 3 से साढ़े 3 लाख किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय का मुख) कैंसर से बचाव के लिए ह्यमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाई जाएगी। इससे वे सर्वाइकल कैंसर से मुफ्त रहेंगी। भविष्य में भी ये कैंसर की बीमारी नहीं होगी। सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के सबसे ज्यादा केस आते हैं। इसका मुख्य कारण पीरियड के समय अनहाइजिन व कम उम्र में शादी है।
वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित-डॉ. प्रशांत सिंह
वही पर कोरिया सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह के अनुसार देश में एक तिहाई कैंसर मरीजों की मौत सर्वाइकल कैंसर से होती है। करीब 48 प्रतिशत मामलों को समय रहते पहचान कर बचाया जा सकता है, लेकिन 50 से 60 प्रतिशत मामलों की पहचान अंतिम चरण में होती है। इससे वे सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रहेंगी। डॉक्टरों के अनुसार यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और 95 फीसदी से ज्यादा सर्वाइकल कैंसर से बचाव करती है। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड के आधार पर आयु का निर्धारण किया जाएगा।
सर्वाइकल कैंसर से बचने ये जरूरी
एचपीवी वैक्सीन की तीन डोज लगवाएं।
21 साल की उम्र के बाद पैप स्मीयर या एचपीवी टेस्ट करवाएं।
सुरक्षित यौन संबंध एचपीवी से बचाव करता है।
सिगरेट पीने से इम्यून पावर कमजोर होता है, इसे त्यागें।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, पौष्टिक आहार, फल खाएं।




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