रक्तदान महादान होने के साथ दूसरों की रक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दान-लक्ष्मी नारायण
बैकुंठपुर।
रक्तदान महादान है रक्तदान महादान इस स्लोगन को तो सभी ने पढ़ा, देखा और सुना होगा लेकिन कितने लोग अपने जीवन में रक्तदान कर दूसरों की जान बचाने में सफल हो पाते हैं। बैकुंठपुर के रहने वाले लक्ष्मी नारायण जायसवाल अब तक 35 बार से ज्यादा रक्त दान कर चुके हैं, बैकुंठपुर में कोरिया कृषि सेवा केन्द्र के संचालक श्री जायसवाल ने का कहना है कि कोरिया जिले व आसपास किसी व्यक्ति को रक्त के लिए इतना परेशान ना होना पड़े, इसके लिए ब्लड बैंक में 30 सालों से लगातार लोगों तक डोनेट कर हैं।
रक्तदान के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि वह अपने जन्मदिन की शुरुआत रक्तदान से करते अभी तक 35 बार रक्त दे चुके हैं। उनका कहना है कि रक्तदान महादान होने के साथ-साथ दूसरों की रक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दान है। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है उनका कहना है कि 18 से 50 वर्ष का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है यदि वह 01 साल में तीन बार भी रक्तदान करे तो शारीरिक रूप से उक्त व्यक्ति की क्षमता उतनी ही बनी रहेगी। नियमित रक्तदान से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। हीमोग्लोबिन की मात्रा में सुधार होता है।

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