जामपानी-डूभापानी में पत्थर उत्खनन विवाद, जांच में आरोपों के विपरीत मिली स्थिति
बैकुंठपुर।
जामपानी एवं डूभापानी ग्राम पंचायत क्षेत्र में पत्थर उत्खनन को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद पर प्रशासनिक जांच के बाद नया तथ्य सामने आया है। जांच दल द्वारा मौके पर पहुंचकर किए गए निरीक्षण में कई आरोप निराधार पाए गए, जिससे पहले प्रकाशित खबरों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर स्पष्ट हुआ है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि लीज क्षेत्र के बाहर राजस्व एवं वन भूमि पर अवैध रूप से पत्थर उत्खनन किया जा रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सीमांकन, उत्खनन क्षेत्र और आसपास के भू-भाग का बारीकी से अवलोकन किया, लेकिन कहीं भी अवैध उत्खनन के प्रमाण नहीं मिले। अधिकारियों के अनुसार, उत्खनन कार्य पूरी तरह स्वीकृत लीज क्षेत्र के भीतर ही किया जा रहा है और निर्धारित सीमाओं का पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्व या वन भूमि में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं पाई गई, जिससे लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। स्टोन क्रेशर संचालन को लेकर भी कई तरह की शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें नियमों के उल्लंघन की बात कही गई थी।
हालांकि जांच के दौरान यह पाया गया कि क्रेशर का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर भी निरीक्षण टीम ने संतोष व्यक्त किया। क्षेत्र में पौधारोपण और वृक्षारोपण का कार्य किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संचालनकर्ता द्वारा पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरी जांच के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पहले लगाए गए आरोपों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना ठोस प्रमाण के इस प्रकार के आरोप न केवल भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं, बल्कि क्षेत्र में अनावश्यक तनाव भी उत्पन्न करते हैं। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की सूचना या शिकायत तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत करें, ताकि निष्पक्ष जांच संभव हो सके और क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि जांच टीम मौके पर जांच की जांच के दौरान रेत, गिट्टी व पत्थर की गाडियां मिली उन पर नियमानुसार कार्यवाही की गई थी और आगे भी लगातार नियम के विरुद्ध कार्य करने वालों पर कार्यवाही जारी रहेगी।

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