जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में भ्रष्टाचार! किसानों के सपनों पर ऐसे फिरा रहे जिम्मेदार पानी…कूप निमार्ण की गुणवत्ता खराब होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। ग्रामिणो द्धारा घटिया निर्माण में घटिया सामग्री और नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप….निजी ठेकेदार दे रहे कार्य को अंजाम……केवीेके और कृषि विभाग की मिली भगत…..अधिकतर निर्माण एक ही व्यक्ति ने करवाया

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बैकुंठपुर

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है योजना के तहत बने कूप निमार्ण की गुणवत्ता खराब होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। ग्रामिणो द्धारा घटिया निर्माण में घटिया सामग्री और नियमों की अनदेखी की बात ग्रामिणो द्धारा की गई। लोगो ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का अधिकांश निर्माण कार्य एक ही व्यक्ति के द्धारा करवाया जा रहा है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद अंर्तगत ग्राम पंचायत रटगा के डोंगरीपारा में 2.99 लाख की लागत से कराए जा रहे हैं कूप निर्माण में लाल ईट और लोकल पत्थरो से निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जिसका उद्देश्य हर खेत को पानी और प्रति बूंद अधिक फसल है, वह छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जल संरक्षण और सिंचाई के लिए बनाए जा रहे कार्य की घटिया गुणवत्ता सामग्री है जोकि आगामी दिनो में किसानों को लाभ देने की बजाय भारी नुकसान पहुंचाएगा। ग्रामिणो ने कहा कि नियमों की अनदेखी, घटिया सामग्री का उपयोग और जवाबदेही की कमी ने इस योजना को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है।

निजी ठेकेदार दे रहे कार्य को अंजाम

जानकारो का कहना है कि विगत दो वर्षो से गंभीर अनियमितताएं सामने आईं है। निर्माण कार्य ग्राम स्तरीय जलग्रहण समिति के बजाय निजी ठेकेदारों को दे दिया गया है। अधिकांश डैम और कूप पर नागरिक सूचना पटल तक नहीं लगाए गए है। कुछ निर्माण स्थलो में ही सिर्फ सूचना पटल लगाए जाने की बात सामने आ रही है।

केवीेके और कृषि विभाग की मिली भगत

गांव के लोगो ने बताया कि पूरे निर्माण की प्रक्रिया में सरपंच को शामिल नहीं किया गया ग्रामिणो ने कहा कि बार-बार सूचना पटल की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामिणो ने कहा कि निर्माण कार्य कृषि विभाग द्वारा कराया जा रहा है जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी अधिकारी समस्त कार्यो के एस.डी.ओ. बने हुए हैं। जहा सामग्री की खरीद भी विभाग ही कर रहा है शासन की लाइनो को पूरा करने के लिए औपचारिकता के तौर पर पांच सदस्यों की समिति बना दी गई है।

अधिकतर का निर्माण एक ही व्यक्ति ने करवाया

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिले के विगत दो वर्षो में जो भी कार्य कराए गए हैं उसमें से अधिकतर का निर्माण एक ही व्यक्ति ने करवाया है।

क्या बोले अधिकारी?

1-

इस मामले पर जब कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के एस.डी.ओ. कमलेश सिंह से सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नही है। योजना के प्रावधानों के अनुसार ही कार्य किया जाना है आप इंजिनियर से बात कर लिजिए वो ही जानकारी दे सकतीं है।

2-

वही पर कार्य के इंजीनियर प्रियंका वर्मा ने पहले कहा कि वो कल ही कार्य स्थल पर गई थी उन्हे लाल ईट और लोकल पत्थर नही दिखा। जब उन्हे याद दिलाया गया कि विगत ढाई महिने से कार्य स्थल पर लाल ईट और लोकल पत्थर है तो वह कहने लगीं कि यदि मौके पर है तो उसे कल हटवाया जायेगा।

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