चरचा को मुख्य एनएच से जोडने वाली पुलिया टूटी…..रेलवे अधिकारी, निरीक्षण में कोयला परिवहन करने वाले वाहनों को बताया जिम्मेदार
क्षतिग्रस्त रेलवे पुलिया का निर्माण 45 दिनों में, चरचा मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद——घटना के चंद घंटे बाद अंबिकापुर से पहुंचे

बैकुंठपुर।
नेशनल हाईवे 43 से कोरिया जिले के चरचा कॉलरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर रेलवे की क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। शनिवार अलसुबह पुलिया का हिस्सा धंसने की घटना के बाद रेलवे के अधिकारी चंद घंटे के भीतर अंबिकापुर से मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर पुलिया की क्षति के लिए एसईसीएल के कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की आवाजाही को जिम्मेदार बताया है।
निरीक्षण के बाद क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण में करीब 45 दिन का समय लगने की बात बताई जा रही है। जिस कारण चरचा का एनएच 43 से डेढ़ माह तक आवागमन प्रभावित रहने की संभावना है। विशेष रूप से कोयला परिवहन के लिए उपयोग होने वाला मार्ग बंद रहने से क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
गौरतलब हो कि कोरिया जिले के नेशनल हाईवे 43 से चरचा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग शनिवार अलसुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच पुलिया अचानक धंसने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। बताया जा रहा है कि पुलिया से भारी और कोयला लदा हाईवा गुजरने के बाद सड़क और पुलिया का एक हिस्सा धंस गया। घटना के बाद मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। जिस कारण करीब 25 हजार की आबादी के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग के बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा असर स्कूली विद्यार्थियों और रोजमर्रा के सामान के लिए चरचा बाजार आने-जाने वाले लोगों पर पड़ा है। 21 सितंबर से छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, ऐसे में स्कूल बसों की आवाजाही प्रभावित होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं आसपास के ग्रामीण और गरीब परिवार, जो आवश्यक सामान की खरीदारी के लिए इसी मार्ग से चरचा आते हैं, उन्हें भी वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में रेलवे द्वारा फाटक बंद किए जाने के बाद इस मार्ग का निर्माण किया गया था। बीते दस वर्षों से अधिक समय से यह सड़क शिवपुर-चरचा क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन मार्ग बनी हुई थी। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन, स्कूल बसें और मालवाहक वाहन यहां से गुजरते हैं।
लोगों का कहना है कि पुलिया की स्थिति पहले से ही कमजोर थी। सड़क के कई हिस्सों के नीचे धंसने और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को लेकर पूर्व में समाचार पत्रों के माध्यम से भी संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक सुधार नहीं होने से अब पुलिया धंसने के बाद मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
भारी बारिश के बाद मौसम खुलने के बीच मार्ग बंद होने से बाजार और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है। एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की ओर से समय रहते ध्यान दिया जाता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। अब लोगों ने मार्ग की तत्काल मरम्मत कर आवागमन बहाल करने की मांग की है।


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