तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . बैकुन्ठपुर
सूबे के मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने अपने प्रदेश संगठन के मांग के साथ कां्रगेस सरकार से मांग करते हुए कहा है कि केन्द्र के समान उन्हे भी 28 प्रतिशत मंहगाई भत्ता देने की मांग की है। टिचर्स एसोसिएशन के कोरिया जिले के मिडिया प्रभारी और प्रदेश संगठन के सह सचिव अशोक लाल कुर्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे जिले के जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखकर 1 जुलाई 2019 से अब तक लंबित मंहगाई भत्ता का आदेश शीघ्र जारी करने का मांग रखा है। इस दौरान छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष व सरगुजा संभाग प्रभारी हरेंद्र सिंह, प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह, प्रदेश संगठन सह-सचिव अशोक लाल कुर्रे, प्रदेश महिला प्रकोष्ठ महासचिव चंपा जायसवाल, जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, अंजना सिंह, रूपेश सिंह, प्रमोद पांडे, अभय तिवारी,रामजूठन साहू, चन्द्र प्रकाश मरकाम, सरोज सिंह, स्वाती त्रिपाठी, ममिता सिंह,सुखन्तू मौर्य, खुशबू मजूमदार, अंजन पाहन, हरिदास यादव, राजू मंडल, राजेंद्र जायसवाल, ने कहा है कि 1जनवरी 2019 से अभी तक 12 प्रतिशत मंहगाई भत्ता राज्य के कर्मचारियों व शिक्षकों को प्राप्त हो रहा है।
जुलाई 2019 से लंबित 5 फिसद मंहगाई भत्ता एवं जनवरी 2020 से लंबित 4 फिसद मंहगाई भत्ता, जुलाई 2020 से लंबित 3 फिसद भत्ता, जनवरी 2021 से लंबित 4 फिसद भत्ता को मिलाकर जून 2021 की स्थिति में 28 फिसद मंहगाई भत्ता शीघ्र बढ़ाने की मांग की है।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2019 से 17 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिया जा रहा था, वर्तमान ने केंद्र सरकार ने समेकित रूप से 3 किश्त का 11 फिसद महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है, जिसके अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 17 फिसद से बढ़कर 1 जुलाई 2021 से 28 फिसद हो गया है।
छत्तीसगढ़ में भी मंहगाई भत्ता देने पर आगामी आदेश तक रोक लगाया गया है, किन्तु अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद छत्तीसगढ़ सरकार लंबित महंगाई भत्ता की किश्त जारी करते हुए 28 फिसद महंगाई भत्ता देने शीघ्र आदेश करे।
छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2019 से अभी तक लंबित मंहगाई भत्ता का आदेश जारी नही किया गया है, जबकि इस अवधि में महंगाई सूचकांक में लगातार वृद्धि हुआ है, जिससे कर्मचारी परिवार पर महंगाई के भारी बोझ होने से उनका घरेलू बजट बिगड़ गया है, महंगाई भत्ता जारी होने से कुछ राहत मिलेगी।
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