तहकीकात न्यूज @ वेब डेस्क . रायपुर
लोकतंत्र से जुड़ी एक मजबूत प्रक्रिया का आदिवासी समाज हमेशा से सम्मान करता रहा है और जब कभी भारतीय गणतंत्र के अनुरूप निर्वाचन संपन्न कराए जाने की प्रक्रिया आरंभ होती है तो बहुत जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ इसकी प्रारंभिक प्रक्रिया में भाग लिया जाता है मतदान की प्रक्रिया से इनको अलग करने का आदिवासी समाज स्वागत करता है। यह साबित करता है कि बहुत गंभीरता और संजीदगी के साथ निर्वाचन प्रक्रिया की कार्यवाही संपादित की जा रही है :लखेश्वर बघेल
मरवाही उपचुनाव में अमित जोगी और रिचा जोगी के निर्वाचन फॉर्म का निरस्त होना अपने आप में यह सिद्ध करता है कि लंबे समय से इनके परिवार के प्रति आदिवासी समाज, सामाजिक स्तर से लेकर न्यायालय तक संघर्षरत रहा है और अब ऐसा महसूस होता है कि शायद वास्तविकता सामने आ चुकी है और दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है: दीपक बैज
जोगी परिवार को लेकर आदिवासी होने को लेकर कई अटकलें लगातार चलती रही जिसको लेकर आदिवासी समाज में गहरी नाराजगी भी रही। भारतीय लोकतंत्र के निर्वाचन का यह महत्वपूर्ण आदेश अपने आप में यह सिद्ध करता है कि कौन अपने स्वार्थ के नाम पर जाति या धर्म करता है: चंदन कश्यप
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