बारदानों की व्यवस्था करने में एक बार फिर नाकाम रही प्रदेश सरकार……

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Baikunthpur @ Tahkikat News

भारतीय जनता पार्टी कोरिया जिले के मीडिया प्रभारी बसंत राय ने कां्रगेस की प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के खि़लाफ़ बारदाने नहीं देने और चावल नहीं लेने को लेकर बेवजह प्रलाप करने की बात कही है। मिडिया प्रभारी ने कहा कि हर साल धान ख़रीदी को लेकर इस तरह के षड्यंत्रों के ज़रिए प्रदेश के किसानों के साथ धोखाधड़ी करके अपने किसान विरोधी चरित्र का प्रदर्शन कर रही है।


जब जुलाई में ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करने के लिए आगाह कर दिया था तो प्रदेश सरकार अब तक क्यों सोई पड़ी थी? बारदाने की ख़रीद और व्यवस्था करना प्रदेश सरकार की ज़िम्मेदारी है तो फिर अपने ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रवैए के लिए वह केंद्र सरकार को क्यों कोसने में लगी है?

सत्तालोलुपता और अंतर्कलह में आकंठ डूबी प्रदेश सरकार को जब यह अनुमान था कि इस वर्ष बारदाने की 5 लाख गठानों की ज़रूरत पड़ेगी तो फिर क्या सोचकर प्रदेश सरकार ने 48 हज़ार गठानें ख़रीदी? इस वर्ष केंद्र सरकार ने सेंट्रल पूल में 60.65 लाख मीटरिक टन चावल लेने पर सहमति जता दी तो कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री समेत प्रदेश के मंत्री उसना चावल को लेकर रोना-धोना मचा रहे हैं।


इससे साफ़ ज़ाहिर हो रहा है कि प्रदेश सरकार की नीयत में इस बार भी खोट आ गई है और वह केंद्र सरकार पर ठीकरा फोड़कर किसानों का धान ख़रीदने से बचने के षड्यंत्र बुनने में लग गई है।


प्रदेश के एक मंत्री ने जब बड़ी डींग हाँकते हुए कहा था कि प्रदेश सरकार अपने दम पर किसानों का धान ख़रीदेगी, तो अब प्रदेश सरकार के हाथ-पाँव क्यों फूल रहे हैं? प्रदेश सरकार बताए कि वह छत्तीसगढ़ के किसानों का धान अपने दम पर ख़रीद रही है या केंद्र सरकार के दम पर?

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