भारतीय जनता पार्टी के जिले के सबसे वरिष्ठ नेता भैया लाल राजवाडे ने कहा है कि प्रदेशभर में रबी फसल लेने वाले किसान एक बार फिर खाद के लिए भटकने को विवश हो रहे हैं। एक तरफ सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति नहीं होने से किसानों को खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है और खाद के अभाव से किसान हलाकान हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में खाद की कालाबाज़ारी के चलते किसानों को महंगे दाम पर डीएपी और यूरिया खाद खरीदकर खेती-किसानी का काम करना पड़ रहा है। श्री राजवाडे ने कहा कि प्रदेश में खाद का कृत्रिम अभाव पैदा कर किसानों का शोषण किया जा रहा है। खाद व्यापारी किसानों को खुलेआम लूट रहे हैं और इसे भूपेश सरकार की मौन सहमति मिली हुई है।
सवाल किया कि जब बाजार में खाद है तो समितियों में क्यों आपूर्ति नहीं की जा रही है? इस प्रकार भूपेश सरकार किसानों की सहकारी समितियों की आय के रास्ते भी बंद करने में आमादा है, दूसरी तरफ निर्धारित समय में धान के उठाव नहीं करने से समितियों में धान का स्टॉक बफर लिमिट से कई गुना अधिक हो गया है, रखरखाव के पर्याप्त संसाधन के अभाव में धान बर्बाद हो रहा है जिससे समितियों को नुक़सान उठाना पड़ रहा है और इसके कारण किसानों की सहकारी समितियों के आर्थिक स्थिति भी बदतर होते जा रही है जिसके ज़िम्मेदार भी भूपेश सरकार ही है।
खाद के अभाव में राजिम क्षेत्र के किसानों की परेशानी का ब्योरा सामने आने के परिप्रेक्ष्य में श्री राजवाडे ने कहा कि राजिम क्षेत्र के खाद प्रभारी द्वारा वर्षा के चलते खाद नहीं पहुँचने की बात कोरी लफ़्फ़ाजी है। जब जून, जुलाई, अगस्त जैसे वर्षा के महीनों में भी खाद की सुचारू आपूर्ति की जा सकती है तो अभी ऐसी कौन-सी आफ़त आ गई?
दरअसल ये सब व्यापारियों से मिलीभगत है। कांग्रेस, कमीशन, करप्शन, कालाबाजारी इन चारों का गोत्र एक ही है जिसे अपने घोर किसान-विरोधी चरित्र के चलते पूरी तरह बेनक़ाब हो चुकी प्रदेश की भूपेश-सरकार अपनी नाकामी छिपाने केंद्र सरकार पर कोई-न-कोई आरोप जड़ देने और मिथ्या प्रलााप करने की आदत से लाचार नज़र आने लगी है।
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