स्वास्थ्य कोरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की कारस्तानी बेहद निम्न और घटिया स्तर तक जा पहुंची है इसका उदाहरण तब मिला जब एनएच-43 कोरिया जिले के बैकुन्ठपुर से मनेन्द्रगढ मार्ग पर नगर और बरबसपुर के बीच पहाडी के बीच एनएच 43 से 50 कदम अदंर जंगल में पत्थरो के बीच के जीवित दवाइयों एवं जांच किट के पैकेट फेकी अवस्था में होने की खबरें विगत 3 दिनों से जिले में दबे दबे आ रही थी । उसके बाद मामला प्रकाश में आया। यह बात अपने आप में सवाल तो खड़ा कर रही रहा है गलती किसने की क्यों किया। यह तो जांच का विषय किंतु जब कुछ लोगों के पास वीडियो फोटो एविडेस मौजूद थे तो उसे 3 दिन तक अपने पास क्यों रखा गया । खबरें तो यहां तक आ रही है कि कुछ लोगों के द्वारा इसे सौदेबाजी का जरिया तक बना दिया गया। जब बात नहीं बनी तो मामला मिडिया के हवाले कर दिया दिया गया। अब इन सारी बातों में कहां तक सच्चाई है इस बात की पुष्टि तो हम नहीं करते हैं ।
किंतु इस तरह की चर्चा का बाजार जिले भर की जानकार हलको में की जा रही है। वहीं पर दूसरी ओर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निशाना बनाकर यह करतूत में गहन जांच की जरूरत महसूस हो रही है। जहां पर सोशल मीडिया पर जारी मामले का वीडियो भी एडिटिंग किये होने की आषंका जताई जा रही है। इस तरीके की हरकत का यह कोई पहला मामला नहीं है यही कारण है कि जिले के आला अधिकारियो ने मामले को अपने हाथ में ले जांच करा रहे है ।
जिस दिशा में जांच चल रही है जल्द ही कुछ ना कुछ ठोस सबूत के साथ मामला उजागर होने की पूरी संभावना नजर आ रही है जिस तरीके से जीवन रक्षक दवाइयों को जंगल में फेंक कर उसका फोटो और वीडियो बनाया गया । यहा तक कि कोरोना जॉच किट करने वाले एंटीजन टेस्ट किट जंगल में मिलना अपने आप में मामले की गंभीरता को बहुत बड़ा कर देता है ।
क्योंकि यह संभव नहीं है कि जिस तरीके की दवा और टेस्ट किट फेंक कर वीडियो बनाया गया वह किसी छोटे-मोटे कर्मचारी या अस्पताल से बाहर के व्यक्ति का कार्य है और इस मामले में जांच अधिकारियों के द्वारा इस ओर संज्ञान लेकर कार्य भी किया जा रहा है । व्यक्त की जा रही है कि जल्द ही जीवन रक्षक दवाईयो को फेंकने वाला द्रोही जल्द ही सबके सामने होगा।
यह मिली दवाइयां
पेरासिटामोल सिरप 2 नग, एंटीजन किट 8 नग, एसी टिकट 8 नग, पेरासिटामोल टेबलेट 500 एमजी 2 पत्ता, पेरासिटामोल 400 एमजी 8 पत्ता, जिंक सल्फेट टेबलेट 8 पत्ता एवं खाली पेरासिटामोल के खोखे। निश्चिय रैपिड टेस्ट कार्ड 3 नग सहित कई जीवन रक्षक दवाइयों को जिस तरीके से फेंका गया है वह अपने आप में बेहद जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है और प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि वह ऐसे अपराधियों को सामने लाकर उसे सख्त से सख्त सजा दें।
वर्जन…….
मामले की गहनता से जांच की जा रही है दोशियों को बख्शा नहीं जाएगा । चीजें बहुत कुछ अभी नहीं बताया जा सकता है किंतु भरोसा रखिए कि इस तरीके की हरकत करने वाले सामने आएंगे और इसकी रिपोर्ट बनाकर हम उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे।
डॉ विकास लकडा – जॉच अधिकारी



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