न्यू लाईफ हेल्थ एण्ड एजुकेशन सोसयटी द्वारा संचालित न्यू लाईफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, बैकुंठपुर द्वारा 15 से 21 नवम्बर तक न्यू लाईफ संस्था में कार्यशाला एवं जिला अस्पताल बैकुंठपुर में प्रसव प्रश्चात नवजात शिशु की देखभाल के बारे में छात्र/छात्राओं द्वारा स्वास्थ्य षिक्षा का आयोजन किया गया। साथ ही साथ उन्होंने नवजात शिशु की देखभाल करते हुए स्तनपान कराने की तरीके को बताया एवं जन समुदाय में भी लोगों को नवजात की देखभाल और उनके स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व के बारे में भी बताया।
तृतीय वर्ष के छात्राओं द्वारा संस्था में नवजात शिशु की देखभाल पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष 2023 का थीम सेफ्टी क्वालिटी एडं नर्चरिंग बर्थ राईट ऑफ न्यू बॉर्न था। मतलब सुरक्षा गुणवत्ता और पोषण देखभाल हर नवजात का जन्म अधिकार है। प्रति वर्ष 15 से 21 नवम्बर तक नवजात शिशु की देखभाल सप्ताह मनाया जाता है। शिशुओं में होने वाली मृत्यु दर को रोकने और पहले 6 महीनोें में शिशुओं को बेहतरीन देखभाल देने को लेकर लोंगों को जागरूक करने के लिए यह सप्ताह मनाया जाता है। सामान्यतः नवजात शिशु का वजन 2.5 कि.ग्रा. होता है ऐसे शिशु का जिनका वजन 2.5 कि.ग्रा. से कम हो जाता है तो इसे लो बर्थ वेट बेबी कहा जाता है। मां का दूध शिशु के लिए महत्वपूर्ण पोषण आहार होता है।
नवजात शिशु की देखभाल कैसे की जाती है एवं अपगार स्कोर के द्वारा नवजात शिशु के स्वास्थ की स्थिति को पहचानना, गरमाहट श्रंखला एवं सफाई श्रंखला और स्तनपान के बारे में बताया गया एवं अस्पताल से छुट्टी के बाद घर दिये जाने वाले नवजात शिशु की देखभाल के बारे में भी जानकारी दी गई, यह देखभाल जन्म के तुरन्त बाद से लेकर 28 दिन तक महत्वपूर्ण रहता है जिसके द्वारा हम षिषु को होने वाली संक्रमण के खतरों से सुरक्षित रख पाते हैं। इस पूरे स्वास्थ्य शिक्षा का आयोजन प्रमिला, लक्ष्मी साहू एवं बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा संस्था के प्रबंधन एवं प्राचार्या डॉ अंजना सेमुएल के मागदर्शन के किया गया।
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