इन दिनों ठंड जोरों पर है। इससे बचाव के लिए लोग विभिन्न जतन कर रहे हैं। विगत दिनों से सर्दी के प्रकोप से जहां सुबह व रात का पारा काफी नीचे आ गया है वहीं दिन का तापमान भी 14 डिग्री तक आ पहुंचा है। इन सर्द हवाओं व कंपकंपा देने वाली ठंड से बचाव के लिए अभी तक नगर प्रशासन ने नगर में कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है। जबकि शासन को ठंड शुरू होते ही अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए। इस सबंध में नगर पालिका बैकुन्ठपुर के नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह और गौ रक्षा वाहिनि के जिलाध्यक्ष अनुराग दुबे ने कहा कि बैकुन्ठपुर नगर पालिका ठंड शुरू होते ही हर वर्ष शहर के घड़ी चौक बस स्टैंड जिला अस्पताल ओढगी नाका मे अलाव जलाने की व्यवस्था करती है पर इस वर्ष नगर पालिका के द्वारा अभी तक कहीं पर भी अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की है जबकि हफ्ते भर से ज्यादा ठंड शुरू हो चुकी है।
कूड़ा-करकट जला रहे हैं लोग
नगर पालिका के द्वारा नगर में अलाव जलाने के लिए कहीं भी लकडिय़ों का इंतजाम नहीं किया है। इस कारण लोग अपने स्तर पर कूड़ा-करकट बीनकर अलाव जलाकर सर्दी से बचने के जतन कर रहे हैं। इसमें लोग प्लास्टिक तक जला रहे हैं, जो पर्यावरण में जहरीला धुआं छोड़ रही है। कुछ स्थानों पर बेकार पड़े टायरों को भी जलाकर ठंड भगाई जा रही है जो बदबू के साथ पर्यावरण पर विपरीत असर डाल रहे हैं।
प्रतिवर्ष जलाए जाते हैं सरकारी अलाव
नगर पालिका द्वारा ठंड के जोर पकड़ते ही नगर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसमें मुख्य चौराहों, गरीब बस्तियों, अस्पताल, बस स्टैंड आदि स्थानों पर शासकीय अलाव जलाए जाते हैं। इससे अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सके। इस बार तापमान में अधिक गिरावट होने के बाद भी यह व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है।
कोहरे और ठंड से प्रभावित हो रहा जनजीवन
क्षेत्र में चार दिनों से कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। बुद्धवार को तीन दिन के बाद सूर्य के दर्शन हुए। इसके बाद भी दिनभर ठिठुरन रही। इस कारण लोगों को दिन में भी अलाव का सहारा लेना पड़ा। नगर परिषद ने भी जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था की है।
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