2015 से मिशन मोड के काम करने के कारण राज्य में अपनी अलग पहचान
बैकुंठपुर।
देश के मिसाइलमेन व पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो, सूरज की तरह जलना सीखो । एैसा ही एक नाम है डॉ. प्रिंस जायसवाल का जिन्होने हर परिस्थितियों में बेहतर कार्य कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना लिया है। कोरिया जिले के स्वास्थ्य महकमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर पदस्थ डॉ प्रिंस 2015 से 2023 तक अपनी चिकित्सीय सेवा दिये। सात वर्षो तक जिला सलाहकार रहे डॉ. प्रिंस को विभाग से जो भी जिम्मेदारी मिली उन्होंने उसका बखूबी निर्वहन किया।
खास तौर पर कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की। इन वर्षो में स्वास्थ्य विभाग में अपने बेहतर सेवा व कार्य के लिए एक निजी संस्था के द्वारा शनिवार की शाम रायपुर में धनवंतरी पुरस्कार 24 से बॉलीवुड के मशहूर फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के हाथों सम्मानित किए गए ।
गौरतलब हो कि वैश्विक महामारी के कोरोना के दौरान जब लोग सांस भी फिल्टर करके ले रहे थे उसे वक्त पर अपनी जान जोखिम में डालकर कोरिया जिले में कोविड का पहले पॉजिटिव मरिज की आधी रात में रेस्क्यू, कोविड टीकाकरण अभियान में पहला टीका एवं बूस्टर डोज का पहला टीका लगवाना और कोरिया जिले में इनके रहते प्रदेश स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने कई क्षेत्रो में उल्लेखनिय कार्य किया। दूसरी ओर इनके जाते ही कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग का ग्राफ बुरी तरह से गिरना अपनी कहानी खुद बयाकर रहा है। डॉ. जायसवाल वर्तमान में अपनी सेवा सूरजपुर जिले में डीपीएम के तौर पर दें रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष भी कर चुके हैं सम्मानित
जिसके चलते इन्हें कोरोना वारियर्स सम्मान भी तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के हाथों मिला । इसके अलावा कोविड टीकाकरण महाअभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया । वही चिरायु कार्यक्रम अंतर्गत जन्मजात हृदयरोगी बच्चो की निःशुल्क सर्जरी में उत्कृष्ट कार्य के लिए भी डॉ. प्रिंस को सम्मानित किया जा चुका है ।

+ There are no comments
Add yours