कोरिया में हाथियों का आतंक, किसानों की फसलों को भारी नुकसान
बैकुंठपुर।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर वनपरिक्षेत्र के ग्राम सलबा के कांदाबाडी क्षेत्र में पिछले पाच दिनो एक दर्जन हाथियों का झुंड लगातार खेतों में धान की फसलों को रौंद कर किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग द्वारा पर्याप्त मुआवजा न मिलने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वन क्षेत्र के आसपास हाथियों का झुंड दिनभर आराम करता है और जैसे ही रात होती है, ये झुंड रिहायशी इलाकों और खेतों में आकर धान की फसल को खाकर और रौंदकर नुकसान पहुंचाते हैं। खासकर देर से पकने वाली धान की फसल जीराफूल के सुगंध से मोहित होकर उसे खा भी रहा है है और रौंद भी रहा है।
वन विभाग के अनुसार, क्षेत्र में 11 हाथियों का दल सूरजपुर वन मण्डल से कोरिया वन मण्डल में प्रवेश करने के बाद लगातार विचरण कर रहा है। वही पर किसानों के मुताबिक, ये स्थिति कई दिनों से जारी है और फसल के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे संतुष्टीदायक नही है। किसानो का कहना है कि वन विभाग द्धारा प्रति एकड़ फसल नुकसान का मुआवजा वर्तमान में 9000 है, जो उनकी लागत और संभावित नुकसान के मुकाबले बेहद कम है। किसानो की मांग हैं कि वास्तविक नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा राशि में वृद्धि की जाए। उनका कहना है कि प्रति एक एकड़ में 20-28 क्विंटल धान का उत्पादन होता है और बोनस और समर्थन मूल्य को जोड़ने पर प्रति एकड़ लागत 62,000 से 86,000 रुपये तक आती है। ऐसे में केवल 9000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा काफी कम है।

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