जर्जर भवन में संचालित हो रहा कोऑपरेटिव बैंक जल्द किया जायेगा छिन्दडांड में स्थानांतरित
बैकुंठपुर।

जर्जर भवन में संचालित हो रहे सहकारी बैंक को जल्द ही स्थानांतरित किया जाएगा। यह जानकारी स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई है। स्थानांतरित करने का निर्णय बैंक की सुरक्षा और ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस संबंध में, स्थानीय प्रशासन ने संज्ञान लिया और बैंक को जल्द ही स्थानांतरित करने का फैसला किया है। यह निर्णय बैंक की सुरक्षा और ग्राहकों की सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
इस सबंध में जानकारी देते हुए सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी गिरजा शंकर साहू ने बताया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या० अम्बिकापुर के ब्रांच शाखा बैकुंठपुर जो कि जेल रोड बाजारपारा पर स्थित है। यह शाखा विगत वर्ष 2011-12 से समिति जामपारा के गोदाम भवन में संचालित की जा रही है, वर्तमान समय में भवन की स्थिति ठीक नहीं होने से कोरिया व्यापार संघ के अध्यक्ष के द्वारा बैंक की स्थिति एवं व्यवस्थाओं से टीएल में शिकायत की गयी है। प्रशासन द्वारा बैंक भवन का निरीक्षण भी किया गया, बैंक के छत से पानी रिसने से भवन क्षतिग्रस्त के साथ-साथ जर्जर हो रही हैं। कृषकों को असुविधा हो रही है। बैंक शाखा से सडक पर जाम की स्थिति भी निर्मित होती है।

जाम की स्थिति से दुर्घटना भी होने की संभावना रहती है। बैंक भवन के छत से पानी रिसने के कारण बैंक कर्मचारी भी दहशत में कार्य करने के लिए मजबूर रहते हैं। इत्यादि समास्याओं को देखते हुए एंव कृषकों के सुविधा को देखते हुए समस्याओं से बैंक प्रबंधन को भी अवगत कराया गया है, बैंक प्रबंधन के द्वारा कृषकों को सुविधा को देखते हुए बैंक शाखा को अन्य जगह स्थिापित करने के लिए निर्णय लिया गया है जिसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी। निकट भविष्य में बैंक शाखा अन्य जगह स्थिापित की जावेगी।

जगह के अभाव में करना पड़ता है घंटों इंतजार
जिला मुख्यालय में संचालित सहकारी बैंक में जगह का अभाव है। किसान यहां सुबह से कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा निर्धारित राशि से अतिरिक्त राशि आहरण करने टोकन देकर इंतजार करने की बात कही जाती है। ऐसे में उन्हें यहां घण्टों खड़े होकर रकम निकालने का इंतजार करना पड़ता है। जिला मुख्यालय में संचालित जिला सहकारी बैंक में जगह के अभाव में दूर दराज से काम काज छोड़कर पहुंचे किसान सुबह से ही सहकारी बैंक के सामने कतार में लग कर अपनी बारी का इंताजर करते हैं।

पुराने भवन में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद किसानों की भीड़ जिला सहकारी बैंकों में लगी रहती है। जिला सहकारी बैंक वर्तमान भवन में सामने मूलभूत सुविधाओं के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। यहां किसानों के लिए न तो बैठने की कोई उचित व्यवस्था की गई और न ही यहां प्रबंधन द्वारा पीने के लिए पानी की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में दूर दराज से पहुंचे किसानों को पूरे दिन भर लाइन में खड़े होकर रूपए आहरण करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं।






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