बैकुंठपुर तहसील कार्यालय पर गंभीर सवाल……. न्यायालयीन फाइलें रात में बाहर ले जाने और बाहरी व्यक्तियों से काम कराने के आरोप
बैकुंठपुर।
जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय बैकुंठपुर एक बार फिर चर्चाओं में है। कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कार्य विभाजन आदेश के बाद भी कुछ कर्मचारियों द्वारा निर्धारित दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जा रहा है। वहीं यह भी चर्चा है कि जिस रीडर को ऑनलाइन कार्य का पर्याप्त अनुभव नहीं है, उसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्य सौंप दिया गया है, जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार कार्य विभाजन के बाद भी कई प्रकरणों का विधिवत चार्ज हस्तांतरण नहीं हुआ है। इससे कई न्यायालयीन और राजस्व संबंधी फाइलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा पूर्व में किए गए कार्यों से संबंधित कुछ फाइलें भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे अभिलेखों के रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि तहसील कार्यालय की न्यायालयीन फाइलें रात के समय कार्यालय से बाहर ले जाई जा रही हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ निजी व्यक्तियों से कार्यालय का कार्य कराया जा रहा है तथा न्यायालयीन दस्तावेजों को भी उन्हीं के माध्यम से इधर-उधर किया जा रहा है।
यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह शासकीय अभिलेखों की सुरक्षा और गोपनीयता की दृष्टि से अत्यंत गंभीर विषय माना जाएगा। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में तहसील कार्यालय दो गुटों में बंटा हुआ दिखाई देता है। एक पक्ष कार्यालय में रहकर नियमानुसार कार्य करने का पक्षधर बताया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष पर आरोप है कि वह न्यायालयीन फाइलों को कार्यालय से बाहर ले जाकर कार्य कराने की व्यवस्था को उचित मानता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी तहसील कार्यालय से शासकीय दस्तावेज बाहर ले जाने की चर्चाएं सामने आई थीं। यदि वास्तव में न्यायालयीन अभिलेख कार्यालय से बाहर ले जाए जा रहे हैं, तो यह सवाल भी उठता है कि कार्यालय प्रमुख द्वारा अभिलेखों की सुरक्षा और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
ऐसे मामलों में स्पष्ट प्रशासनिक निगरानी आवश्यक मानी जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा शासकीय दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


+ There are no comments
Add yours